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Paush Purnima 2021: पौष पूर्णिमा से कल्पवास की होगी शुरुआत, जानें कब है पौष पूर्णिमा और कल्पवास का महत्व

पौष पूर्णिमा से कल्पवास की होगी शुरुआत
पौष पूर्णिमा से कल्पवास की होगी शुरुआत

Paush Purnima 2021: प्रयागराज माघ मेला 2021 (Magh Mela 2021 Prayagraj ) के माघ मेले की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. पौष पूर्णिमा 28 जनवरी को है. पौष पूर्णिमा के दिन स्नान के साथ ही कल्पवास की विधिवत शुरुआत हो जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 1:29 PM IST
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Paush Purnima 2021: प्रयागराज माघ मेला 2021 (Magh Mela 2021 Prayagraj ) के माघ मेले की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. पौष पूर्णिमा 28 जनवरी को है. पौष पूर्णिमा के दिन स्नान के साथ ही कल्पवास की विधिवत शुरुआत हो जाएगी. कई कल्पवासी कल्पवास के लिए प्रयाग के संगम तट पर लगे शिविरों में आने शुरू भी हो चुके हैं. कल्पवास का अर्थ होता है संगम के तट पर निवास कर वेदों का अध्ययन करना और ध्यान करना. प्रयाग के कुम्भ मेले में कल्पवास का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है. यह माघ के माह में और अधिक महत्व रखता है और यह पौष माह के 11वें दिन से माघ माह के 12वें दिन तक रहता है. आइए जानते हैं माघ मेले में कल्पवास का महत्व...

कल्पवास का महत्व:
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ शुरू होने वाले एक मास के कल्पवास से एक कल्प जो ब्रह्मा के एक दिन के बराबर होता है के बराबर पुण्य फल की प्राप्ति होती है. यह भी माना जाता है कि, कल्पवास मनुष्य के आत्मिक विकास का जरिया है. माघ माह में संगम तट पर एक माह निवास कर पुण्य फल प्राप्त करने की इस साधना को कल्पवास कहा जाता है. यह माना जाता है कि जो जातक कल्पवास करते हैं उनकी मनोकामना की पूर्ति होती है और उन्हें जन्म-जन्मांतर के बंधनों से मुक्ति भी मिलती है.

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महाभारत के एक प्रसंग में उल्लेख मिलता है कि मार्कंडेय ने धर्मराज युधिष्ठिर से कहा कि प्रयाग तीर्थ सब पापों को नाश करने वाला है, और जो कोई एक महीना, इंद्रियों को वश में करके यहां पर स्नान, ध्यान और कल्पवास करता है, उसके लिए स्वर्ग में स्थान सुरक्षित हो जाता है. पौराणिक ग्रंथों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि देवता भी मनुष्य का जन्म लेकर प्रयाग में कल्पवास का पुण्य लाभ और स्नान का पुण्य जरूर लेते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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