Phulera Dooj 2021: फुलेरा दूज पर टूटेंगे शादियों के रिकॉर्ड, राधा-कृष्ण के प्रेम से जुड़ा है ये दिन

फुलेरा दूज की पौराणिक कथा (credit: instagram/radhekrishna890_)

Phulera Dooj 2021 Katha: फुलेरा दूज को विवाह का अबूझ मुहूर्त व शुभ दिन माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विवाह करने वाले दंपति को भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

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    Phulera Dooj 2021 Katha: फुलेरा दूज (Phulera Dooj) आज 15 मार्च को मनाई जा रही है. फुलेरा दूज को विवाह का अंतिम अबूझ मुहूर्त व शुभ दिन माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विवाह करने वाले दंपति को भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का आशीर्वाद प्राप्त होता है.हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल ये त्योहार फाल्गुन महीने में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. फुलैरा दूज को फाल्गुन मास में सबसे शुभ और धार्मिक दिन माना जाता है. फुलेरा दूज के समय को काफी मांगलिक माना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान कृष्ण पवित्र होली के त्योहार में भाग लेते हैं और रंगों की जगह रंग-बिरंगे फूलों से होली खेलते हैं. यह त्योहार लोगों के जीवन में ख़ुशी और उमंग लेकर आता है. आइए जानते हैं फुलेरा दूज का शुभ मुहूर्त एवं कथा...

    फुलेरा दूज का शुभ मुहूर्त:

    द्वितीया तिथि प्रारंभ- दोपहर 5 बजकर 10 मिनट- 14 मार्च 2021
    द्वितीया तिथि समाप्त- शाम 6 बजकर 50 मिनट- 15 मार्च 2021

    फुलेरा दूज की पौराणिक कथा:

    पौराणिक कथा के अनुसार, व्यस्तता के कारण भगवान श्रीकृष्ण कई दिनों से राधा जी से मिलने वृंदावन नहीं आ रहे थे. राधा के दुखी होने पर गोपियां भी श्रीकृष्ण से रूठ गई थीं. राधा के उदास होने के कारण मथुरा के वन सूखने लगे और पुष्प मुरझा गए. वनों की स्थिति के बारे में जब श्रीकृष्ण को पता चला तो वह राधा से मिलने वृंदावन पहुंचे.

    श्रीकृष्ण के आने से राधा रानी खुश हो गईं और चारों ओर फिर से हरियाली छा गई. कृष्ण ने खिल रहे पुष्प को तोड़ लिया और राधा को छेड़ने के लिए उन पर फेंक दिया. राधा ने भी ऐसा ही श्रीकृष्ण के साथ किया. यह देखकर वहां पर मौजूद गोपियों और ग्वालों ने भी एक-दूसरे पर फूल बरसाने शुरू कर दिए. कहते है कि तभी से हर साल मथुरा में फूलों की होली खेली जाने लगी.

    फुलेरा दूज के दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत की जा सकती है. इस दिन गृह प्रवेश, व्यापार का शुभारंभ, नए रिश्तों की शुरुआत, शादी-विवाह आदि करना शुभ होता है. इस दिन पति-पत्नी के बीच झगड़ा, पिता का अपमान, माता से कटु वचन नहीं कहने चाहिए.

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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