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Pitru Paksha 2021: जानें पितृ पक्ष में कितना और क्यों जरूरी है पंचबली भोग

श्राद्ध तिथि के दिन पंचबली भोग का खास महत्त्व है-Image/shutterstock

श्राद्ध तिथि के दिन पंचबली भोग का खास महत्त्व है-Image/shutterstock

Pitru Paksha 2021: पितृ पक्ष (Pitru Paksha) में पितर की श्राद्ध तिथि के दिन 5 विशेष जीवों को पंचबली भोग (Panchbali bhog) लगाए जाने का नियम है.

  • News18Hindi
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    Pitru Paksha 2021: पितृ पक्ष (Pitru paksha) में पतिरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण किया जाता है. इस वर्ष 20 सितंबर से पितृ पक्ष की शुरुआत होगी जिसका समापन 6 अक्टूबर को होगा. पितृ पक्ष में पितर की श्राद्ध तिथि के दिन पंचबली भोग (Panchbali Bhog) लगाने का बहुत ही खास महत्त्व Iimportance) है. इसलिए पंचबली भोग का कर्म हर किसी को अपने पितरों के लिए करना जरूरी होता है. ऐसी मान्यता है कि अगर श्राद्ध के दिनों में पंचबली भोग नहीं लगाया जाता है तो पितर नाराज होते हैं और भूखे ही वापस लौट जाते हैं. वहीं श्रद्धा-भाव से पंचबली भोग लगाने पर पितर प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. आइए जानते हैं कि पंचबली भोग क्या है और ये किस तरह से किया जाता है.

    ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2021: पितरों को प्रसन्न करने के लिए पितृ पक्ष में लगाएं ये पौधे

    पंचबली भोग क्या होता है

    मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष में पितरों की श्राद्ध तिथि के दिन पितरों के साथ 5 विशेष जीवों को भी श्राद्ध का भोजन कराए जाने का नियम है. कहा जाता है कि  पितरों की श्राद्ध तिथि के दिन इन जीवों को भोजन कराने से पितर इनके द्वारा खाए अन्न से तृप्त हो जाते हैं. पंचबली भोग में गौ बलि, कुक्कुर बलि, काक बलि, देव बलि और पिपीलिकादि बलि शामिल हैं.

    गौ बलि

    पितृ पक्ष में पितर की श्राद्ध तिथि पर पहला भोग गौ माता यानी गाय को खिलाया जाता है. भोग को गौ माता के आगे फेकें नहीं बल्कि श्रद्धा के साथ अपने हाथों से खिलाएं तो और भी बेहतर होगा.

    कुक्कुर बलि

    शास्त्रों के अनुसार पितरों के श्राद्ध के दिन श्राद्ध पूजाकर्म करते समय दूसरा भोग कुक्कर यानि कुत्ते को खिलाना चाहिए. कुक्कर को कत्तर्व्यष्ठा का प्रतीक माना जाता है.

    काक बलि

    मान्यता के अनुसार पंचबली में तीसरा भोग काक यानी कौआ को दिया जाता है. ऐसा माना जाता है कि इनके भोग खाने से पितर तृप्त हो जाते हैं.

    देव बलि

    पंचबली भोग के क्रम में चौथा भोग देवत्व संवधर्क शक्तियों को लगाया जाता है. देव बलि के तहत इस भोग को या तो जल में प्रवाहित करें या गाय को दें.

    पिपीलिकादि बलि

    श्राद्ध के दिन पांचवां भोग पिप्लिका यानी चीटियों को लगाया जाता है. ये चीटियां श्रमनिष्ठा और सामूहिकता का प्रतीक हैं. इसके बाद ब्राह्मण को भोजन करवाया जाता है.

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    कैसे लगाया जाता है पंचबली भोग

    पितृ पक्ष में पितर की श्राद्ध तिथि के दिन पंचबली भोग लगाने के लिए आप केले के पांच अलग-अलग पत्ते लें या फिर पत्तल लें. इनमें वह भोजन रखें जो श्राद्ध के दिन आपने अपने पितर के लिए तैयार किया है और जो आप ब्राह्मण को कराने वाले हैं. अगर आप चाहें तो भोजन में उड़द की दाल की टिक्की और दही भी रख सकते हैं. अब इस पंचबली भोग को गाय, कुत्ता, कौआ, देव और चीटियों को खिला दें.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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