प्रदोष व्रत: इस विधि से करें व्रत, हो सकता है आपका भाग्योदय, पूरी होगी मनोकामनाएं!

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Updated: September 11, 2019, 8:18 AM IST
प्रदोष व्रत: इस विधि से करें व्रत, हो सकता है आपका भाग्योदय, पूरी होगी मनोकामनाएं!
प्रदोष व्रत कर सकता है आपका भाग्योदय, पूरी होगी मनोकामनाएं

आज बुधवार के दिन प्रदोष व्रत है इसलिए इसका नाम 'सौम्यवारा प्रदोष' व्रत है. मान्यता है कि बुधवार के दिन प्रदोष व्रत करने वाले जातकों के अधूरे काम पूरे होते हैं और सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है.

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हिंदू पंचांग के अनुसार, आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत है. इस दिन शिव भक्त भगवान को प्रसन्न करने के लिए पूजा पाठ और उपवास करते हैं. हर माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत होता है और यह एक माह में दो बार पड़ता है. अलग अलग दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत का महत्व भी भिन्न होता है. आइए जानते हैं प्रदोष व्रत के बारे में और इसकी पूजा विधि...

प्रदोष व्रत:
आज बुधवार के दिन प्रदोष व्रत है इसलिए इसका नाम 'सौम्यवारा प्रदोष' व्रत है. मान्यता है कि बुधवार के दिन प्रदोष व्रत करने वाले जातकों के अधूरे काम पूरे होते हैं और सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है. लेकिन व्रत के दौरान पूजा के विधि विधानों का नियम पूर्वक पालन करना चाहिए.

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प्रदोष की पूजा विधि:
1.प्रदोष व्रत के दिन सूर्य उदय होने से पहले निद्रा त्याग दें और दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर भगवान शिव के मंदिर जाकर उन्हें नमन करें. इसके बाद घर आकर पूजाघर को फूलों रंगोली से सजाएं और भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग पर बेलपत्र और मदार का फूल अर्पित करें. इसके बाद भगवान शिव का स्मरण करते हुए उनके चरणों में प्रसाद के रूप में फल अर्पित करें और मन ही मन व्रत करने का संकल्प लें.

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2.इसके बाद दिनभर भगवान का स्मरण करते हुए उपवास करें और शाम में सूर्य अस्त होने से कुछ देर पहले नहा कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजाघर का गंगाजल से शुद्धिकरण करें. इसके बाद गाय का गोबर लेकर जमीन को लीपें. इसके बाद चावल हल्दी और आटे की सहायता से चौक पूरें (बनाएं).

3.पूजा करने वाले आसन पर उत्तर-पूर्व की दिशा की तरफ मुंह करके ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं. 'ऊं नम: शिवाय:' मंत्र का उच्चारण करते हुए शिवलिंग का जलाभिषेक करें और भगवान शिव की पूजा अर्चना करें. इसके बाद पूरी श्रद्धा से भगवान की आरती करें. लोगों में प्रसाद का वितरण करें.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: September 11, 2019, 8:11 AM IST
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