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Pradosh Vrat 2022: आज प्रदोष व्रत पर इस विधि से करें शिव पूजा, पुत्र प्राप्ति के लिए है विशेष

Pradosh Vrat 2022: आज प्रदोष व्रत पर इस विधि से करें शिव पूजा, पुत्र प्राप्ति के लिए है विशेष

प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा का विधान है.

प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा का विधान है.

Pradosh Vrat 2022: जनवरी 2022 का पहला प्रदोष व्रत (First Pradosh Vrat) आज 15 जनवरी दिन शनिवार को है. आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत के दिन शिव पूजा की विधि (Puja Vidhi) एवं मुहूर्त (Muhurat) क्या है.

Pradosh Vrat 2022: जनवरी 2022 का पहला प्रदोष व्रत (First Pradosh Vrat) आज 15 जनवरी दिन शनिवार को है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार प्रदोष व्रत (Shani Pradosh Vrat) करने से पुत्र की प्राप्ति होती है. यदि आप शनि प्रदोष व्रत करना चाहते हैं, तो इसके लिए पहले से तैयारी कर लें. आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर लें. उसके बाद ही व्रत का संकल्प लें. शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव (Lord Shiva) की पूजा करने का विधान है. इसके लिए प्रदोष पूजा मुहूर्त को विशेष माना गया है. आइए जानते हैं कि प्रदोष व्रत के दिन शिव पूजा की विधि (Puja Vidhi) एवं मुहूर्त (Muhurat) क्या है.

प्रदोष व्रत 2022 पूजा विधि

1. आपको शनि प्रदोष व्रत रखना है, तो एक दिन पूर्व से सात्विक भोजन करें. मन, कर्म और वचन से शुद्ध रहें. मन में किसी के प्रति बुरी भावना न रखें और न ही किसी को बुरा बोलें.

2. 15 जनवरी को प्रात: स्नान आदि करके साफ कपड़े पहन लें. इस दिन देश के कई स्थानों पर मकर संक्रांति भी मनाई जाएगी. आपके यहां इस दिन ही मकर संक्रांति है, तो आप मकर संक्रांति का स्नान और दान भी कर लें.

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3. हाथ में जल, फूल और अक्षत् लेकर शनि प्रदोष व्रत रखने और भगवान शिव की पूजा का संकल्प करें.

4. दिन में दैनिक पूजा करें. फलाहार करते हुए व्रत करें. शाम के समय में भगवान शिव की पूजा की जाएगी. प्रदोष पूजा मुहूर्त का ध्यान रखें.

5. प्रदोष मुहूर्त में किसी शिव मंदिर जाएं या फिर घर पर शिवलिंग हो तो घर पर ही पूजा करें.

6. भगवान शिव का गंगाजल और गाय के दूध से क्रमश: अभिषेक करें. फिर उनको सफेद चंदन का लेप करें. उसके बाद शहद, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी पत्ता, मदार का फूल, मौसमी फल आदि अर्पित करें. इस दौरान ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहें.

7. इसके बाद शिव जी को धूप और घी का दीपक अर्पित करें. फिर शिव चालीसा, शिव स्तोत्र का पाठ करें.

8. अब आप शनि प्रदोष व्रत कथा का श्रवण करें. फिर भगवान शिव की विधिपूर्वक आरती करें. पूजा के अंत में भगवान शिव से पुत्र प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें.

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9. पूजा के अंत में लोगों को प्रसाद वितरित करें. रात्रि के समय में भगवत जागरण करें.

10. अगले दिन प्रात: स्नान आदि के बाद दान करें और पारण करके व्रत को पूरा करें.

प्रदोष व्रत 2022 पूजा मुहूर्त
शिव पूजा के लिए प्रदोष मुहूर्त 15 जनवरी को शाम 05:46 बजे से लेकर रात 08:28 बजे तक है. इस समय में ही शिव पूजा करें.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

Tags: Dharma Aastha, Lord Shiva

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