Raksha Bandhan 2019: जानिए कब है 'राखी' का त्योहार, यहां देखें शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2019: भाई-बहन के प्रेम का ये त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस दिन एक और जहां बहनें अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं वहीं भाई भी उनकी रक्षा करने का वचन देता है.

News18Hindi
Updated: July 24, 2019, 9:05 AM IST
Raksha Bandhan 2019: जानिए कब है 'राखी' का त्योहार, यहां देखें शुभ मुहूर्त
Raksha Bandhan 2019: इस दिन है 'राखी' का त्योहार, जानें शुभ मुहूर्त
News18Hindi
Updated: July 24, 2019, 9:05 AM IST
Raksha Bandhan 2019: रक्षा बंधन का त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस त्योहार का इंतजार सिर्फ भाई-बहन ही नहीं बल्कि परिवार के सभी सदस्य करते हैं. हिंदू पंचाग के अनुसार यह पावन पर्व 15 अगस्त (रविवार) को मनाया जाएगा. रक्षा बंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं. साथ ही बहनें ईश्वर से भाई की दीर्घ आयु, सफलता और समृद्धि की कामना भी करती हैं. वहीं भाई अपने बहनों को यह वचन देते हैं कि वह हमेशा उनकी रक्षा करेंगे. जो भी बहनें अपने भाईयों से दूर रहती हैं वह कूरियर से अपने भाई को राखी भेजती हैं.

शुभ मुहूर्त:
यह तिथि अक्सर भद्राकाल से पीड़ित होती है. परंपरा के अनुसार, भद्राकाल में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है इसलिए इस अवधि में राखी बांधना वर्जित है. राखी बांधने का शुभ मूहुर्त सुबह 5 बजकर 49 मिनट से लेकर शाम के 6 बजकर एक मिनट तक बजे तक है.

इसे भी पढ़ें: अंक भी करते हैं चमत्कार! क्या बदल कर रख देते हैं भाग्य?

रक्षाबंधन का उचित मुहूर्त गुजर जाए, तो बहनें अपने भाई को राखी बांधने से पहले ये आसान उपाय अपना आकर अमंगल को मंगल में बदल सकती हैं.

राखी (रक्षा सूत्र) को भगवान शिव की प्रतिमा, तस्वीर या शिवलिंग पर अर्पित करें. फिर, महामृत्युंजय मंत्र का एक माला (108 बार) जप करें. इसके बाद देवाधिदेव शिव को अर्पित किया हुआ रक्षा-सूत्र भाईयों की कलाई पर बांधें. महाकाल भगवान शिव की कृपा, महामृत्युंजय मंत्र और श्रावण सोमवार के प्रभाव से सब शुभ होगा.

इसे भी पढ़ें: पेट की चर्बी छुपाने में मदद करेंगे ये कपड़े
Loading...

राहुकाल में राखी बांधना वर्जित है.

भाई-बहन के प्रेम का ये त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस दिन एक और जहां बहनें अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती हैं वहीं भाई भी उनकी रक्षा करने का वचन देता है.

राखी बांधते वक्त पढ़ें ये मंत्र:

येन बद्धो बलि: राजा दानवेंद्रो महाबल:.

तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल..

अर्थ

जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली राजा बलि को बांधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुम्हें बांधता हूं. हे रक्षे (राखी), तुम अडिग रहना. अपने रक्षा के संकल्प से कभी भी विचलित मत होना.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए कल्चर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 24, 2019, 8:21 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...