Raksha Bandhan 2021: रक्षा बंधन कब है? जानें तारीख और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

रक्षा बंधन भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है (साभार: shutterstock/Ideology hub)

Raksha Bandhan 2021 Date And All Details: रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन (Brother And Sister) के पवित्र प्रेम का प्रतीक है. राखी की थाली सजाते समय रेशमी वस्त्र में केसर, सरसों, चंदन, चावल व दुर्वा रखकर भगवान की पूजा करनी चाहिए...

  • Share this:
    Raksha Bandhan 2021 Date And All Details: रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन (Brother And Sister) के पवित्र प्रेम का प्रतीक है. बहनें भाई की लंबी उम्र की कामना करते हुए तिलक लगाती हैं, राखी बांधती हैं और मुंह मीठा कराती हैं और भाई बहनों को स्नेह जताने के लिए उपहार देते हैं और उनकी रक्षा का वचन देते हैं. प्राचीन काल से यह त्योहार मनाने की परंपरा चली आ रही है. हर साल यह त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस साल 22 अगस्त, रविवार के दिन रक्षा बंधन मनाया जाएगा. हालांकि मुहूर्त 21 अगस्त 2021 की शाम को ही प्रारंभ हो जाएगा लेकिन उदया तिथि 22 अगस्त को है, इसलिए इसी दिन बहनें भाई को राखी बांधेंगी.

    रक्षा बंधन 2021 शुभ मुहूर्त (Raksha Bandhan Timing):

    पूर्णिमा तिथि प्रारंभ:  21 अगस्त 2021 की शाम 03:45 मिनट तक.
    पूर्णिमा तिथि समापन:  22 अगस्त 2021 की शाम 05:58 मिनट तक.
    शुभ मुहूर्त:  सुबह 05:50 मिनट से शाम 06:03 मिनट तक.
    रक्षा बंधन के लिए दोपहर में शुभ मुहूर्त:  01:44 से 04:23 मिनट तक.
    रक्षा बंधन की समयावधि: 12 घंटे 11 मिनट

    इसे भी पढ़ेंः भारत के इन 5 मंदिरों में पुरुषों की एंट्री है बैन, महिलाएं ही कर सकती हैं पूजा

    राखी की थाली में सजाएं ये चीजें (Raksha Bandhan Pooja Thali) :
    राखी की थाली सजाते समय रेशमी वस्त्र में केसर, सरसों, चंदन, चावल व दुर्वा रखकर भगवान की पूजा करनी चाहिए. राखी (रक्षा सूत्र) को भगवान शिव की प्रतिमा, तस्वीर या शिवलिंग पर अर्पित करें. फिर, महामृत्युंजय मंत्र का एक माला (108 बार) जप करें. इसके बाद देवाधिदेव शिव को अर्पित किया हुआ रक्षा-सूत्र भाईयों की कलाई पर बांधें. महाकाल भगवान शिव की कृपा, महामृत्युंजय मंत्र और श्रावण सोमवार के प्रभाव से सब शुभ होगा.

    राखी बांधते वक्त पढ़ें ये मंत्र (Rakhi Mantra):
    येन बद्धो बलि: राजा दानवेंद्रो महाबल:.
    तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल.

    मंत्र का अर्थ है: जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली राजा बलि को बांधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुम्हें बांधता हूं. हे रक्षे (राखी), तुम अडिग रहना. अपने रक्षा के संकल्प से कभी भी विचलित मत होना.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.