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Rakshabandhan 2022: रक्षाबंधन में मुहूर्त और दिशा का रखें खास ख्याल, इन मंत्रों के साथ बांधें राखी

भद्रा मुहूर्त में भूलकर भी न बांधे राखी.

भद्रा मुहूर्त में भूलकर भी न बांधे राखी.

रक्षाबंधन (Rakshabandhan) का पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है. राखी हमेशा सही व शुभ मुहूर्त पर बांधनी चाहिए. साथ ही इ ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

भद्राकाल में राखी बांधना वर्जित होता है.
राखी बंधवाते समय मुख दक्षिणा दिशा में नहीं होना चाहिए.

भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे खूबसूरत रिश्ता है और रक्षाबंधन (Rakshabandhan) का त्योहार इस रिश्ते का प्रतीक माना जाता है. भाई और बहन पूरे साल रक्षाबंधन के त्योहार का बेसब्री से इंतजार करते हैं. हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन रक्षाबंधन बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और स्वस्थ जीवन व लंबी उम्र की कामना करती हैं. भाई को राखी बांधते समय मुहूर्त और दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. दिल्ली के आचार्य गुरमीत सिंह बता रहे हैं, इस साल क्या है राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और किस दिशा में बांधनी चाहिए राखी? साथ ही जानते हैं राखी बांधते समय किस मंत्र का करना चाहिए उच्चारण.

रक्षाबंधन 2022 की तिथि
इस साल रक्षाबंधन की तिथि को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति है. दरअसल इस साल पूर्णिमा तिथि 11 और 12 अगस्त दोनों दिन पड़ रही है, जिस कारण लोग समझ नहीं पा रहे कि रक्षाबंधन पर राखी किस दिन बांधी जाएगी क्योंकि राखी हमेशा ही सावन पूर्णिमा के दिन बांधी जाती है. वहीं भद्रा में राखी बांधना शुभ नहीं माना गया है.

आचार्य गुरमीत बताते हैं कि पंचांग के अनुसार, इस साल शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 11 अगस्त 2022 सुबह 10:38 पर प्रारंभ होगी और 12 अगस्त 2022 सुबह 07:05 पर समाप्त हो जाएगी. ऐसे में सावन पूर्णिमा 11 अगस्त को होगी और राखी का पर्व भी इसी दिन मनाया जाएगा.

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रक्षाबंधन 2022 राखी बांधने का मुहूर्त
 भद्राकाल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है. इस काल में न तो भाइयों का टीका करना चाहिए और न ही उन्हें राखी बांधनी चाहिए. पौराणिक कथा के अनुसार, रावण ने अपनी बहन से भद्राकाल में ही राखी बंधवाई थी, जिस कारण सालभर में ही उसका अंत हो गया, इसलिए शुभ मुहूर्त पर भाई को राखी बांधें और भद्रा मुहूर्त में राखी भूलकर भी न बांधें.

रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त पर आयुष्मान योग 11 अगस्त सुबह से लेकर दोपहर 03:32 तक होगा और इसके बाद प्रदोष मुहूर्त रात्रि 08:51 से 09:13 बजे तक रहेगा. प्रदोष मुहूर्त राखी बांधने के लिए सबसे उत्तम होता है.

रक्षाबंधन के दिन भद्रा मुहूर्त
भद्रा पुंछ- शाम 05:17 से 06:18 तक
भद्रा मुख- शाम 06:18 से 8 बजे तक
भद्रा समाप्ति- रात 08:51 पर

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 इस दिशा में बांधें राखी
राखी बांधते समय दिशा का खास ख्याल रखाना चाहिए. राखी बंधवाते समय भाई का मुख हमेशा पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए, जबकि बहन का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए. इस बात का ध्यान रखें कि बहन या भाई दोनों में से किसी का मुख भी इस दौरान दक्षिण दिशा की तरफ नहीं होना चाहिए.

बहन इस मंत्र के साथ बांधें भाई को राखी
हिंदू धर्म केवल पूजा-पाठ ही नहीं बल्कि शादी-विवाह और विशेष अनुष्ठानों जैसे कई शुभ मौके पर मंत्रों का विशेष स्थान होता है. यही कारण है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत मंत्रोच्चारण के साथ होती है. राखी का त्योहार भी बेहद शुभ होता है, इसलिए इस दिन भाई को रक्षासूत्र बांधते समय बहन को रक्षाबंधन का मंत्र जरूर पढ़ना चाहिए. बहनें राखी बांधते समय ‘येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: तेन त्वाम् प्रतिबद्धनामि रक्षे माचल माचल:’ इस मंत्र का उच्चारण करें.

Tags: Dharma Aastha, Rakshabandhan, Rakshabandhan festival

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