Ram Navami 2021 Date: रामनवमी पर प्रभु राम को प्रसन्न करने के लिए करें हवन, जानें यज्ञ सामग्री और सम्पूर्ण विधि

रामनवमी पर भक्त श्रीराम की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं

रामनवमी पर भक्त श्रीराम की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं

Ram Navami 2021 Shubh Muhurat Hawan Samagri List and Vidhi- रामनवमी के दिन ही मर्यादा-पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम (Lord Rama) ने राजा दशरथ के घर पर जन्म लिया था. श्रीराम चन्द्र का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी के दिन पुनर्वसु नक्षत्र तथा कर्क लग्न में हुआ था.

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  • Last Updated: April 18, 2021, 1:21 PM IST
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Ram Navami 2021 Shubh Muhurat Hawan Samagri List and Vidhi- रामनवमी 21 अप्रैल, 2021 (बुधवार) को मनाई जाएगी. पौराणिक कथाओं के अनुसार, रामनवमी के दिन ही मर्यादा-पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम (Lord Rama) ने राजा दशरथ के घर पर जन्म लिया था. श्रीराम चन्द्र का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी के दिन पुनर्वसु नक्षत्र तथा कर्क लग्न में हुआ था. इस दिन भगवान राम की उपासना के लिए विशेष तरह से की जाती हैं. लोग श्रीराम की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं. इस दिन हवन और कन्या पूजन का भी विधान है.पूरी अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजाया जाता है. हालांकि इस साल कोरोना वायरस की दूसरी लहर के चलते ये उत्सव फीका हो सकता है. कन्या पूजन और हवन के दौरान भी कोरोना सम्बन्धी नियमों का पूरा ख्याल रखें. आइए जानते हैं राम नवमी व्रत का शुभ मुहूर्त, हवन सामग्री की लिस्ट और हवन करने की विधि...

रामनवमी शुभ मुहूर्त:

नवमी तिथि प्रारम्भ- 21 अप्रैल 2021 को रात 00:43 बजे से

नवमी तिथि समाप्त- 22 अप्रैल 2021 को राज 00:35 बजे तक
पूजा मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 02 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक

पूजा की कुल अवधि- 02 घंटे 36 मिनट

यह भी पढ़ें: Ram Navmi 2021 Katha: रामनवमी के दिन हुआ था प्रभु श्री राम का जन्म, पढ़ें कथा 



हवन सामग्री

-नीम

-गूलर की छाल

-चंदन की लकड़ी

-अश्वगंधा

-मुलेठी की जड़

-कपूर

-तिल

-चावल

-लौंग

-गाय की घी

-इलायची

-शक्कर

-नवग्रह की लकड़ी

-पंचमेवा

-जटा वाला नारियल

-गोला

-जौ

-आम की लकड़ी

-आम के पत्ते

-पीपल का तना

-छाल

-बेल

राम नवमी हवन विधि...

-राम नवमी के दिन सुबह जल्दी बिस्तर त्याग दें और नित्यकर्म एवं स्नान करके साफ कपड़े पहनें. हवन कुंड साफ करें और कुंड में समिधा, कपूर और घी डालें और अग्नि प्रज्वलित करें. जोड़े में हवन करने बैठें. गणेश जी का मन ही मन स्मरण करते हुए हवन शुरू करें. भगवान राम के नाम की आहुति दें. इसके पस्चार राम परिवार और समस्त देवी देवताओं के नाम की आहुति यज्ञ में दें. शास्त्रों में, 108 आहुतियों को श्रेष्ठ बताया गया है.

- जब हवन संपन्न हो जाए तब भगवान राम की आरती करें और मीठे पकवान का भोग लगाएं. यज्ञ के बाद कन्या पूजन करें. इसके लिए कन्याओं के पांव साफ जल में पखारकर उन्हें भोजन करवाएं और नेग दें. लेकिन इस बार कोरोना की दूसरी लहर चल रही है ऐसे में यदि आप इससे परहेज करें या कोरोना के नियमों का पूरा ख़याल रखें तो सामाजिक रक्षा की ओर यह एक अच्छा प्रयास होगा. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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