Ramadan 2021: जानें माहे-रमज़ान में नमाज़े-तरावीह की अहमियत, मिलता है सवाब

रमज़ान 2021: पाक माह में नमाजे तरावीह का महत्‍व.

रमज़ान 2021: पाक माह में नमाजे तरावीह का महत्‍व.

Ramadan 2021: रमजान के पवित्र माह (Holy Month) में मुसलमान 29-30 दिन के रोजे (Roza) रखते हैं, पांच वक्‍त की नमाज और नमाजे-तरावीह (Namaz-E-Taraweeh) अदा करते हैं. साथ ही देश-दुनिया में अमन के लिए दुआएं मांगते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 12:25 PM IST
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Ramadan 2021: रमजान के महीने में रोजे रखे जाते हैं. इसे इबादत (Worship) का महीना माना जाता है और इसकी बहुत अहमियत है. इस पवित्र माह (Holy Month) में मुसलमान महीने भर रोजे (Roza) रखते हैं, पांच वक्‍त की नमाज और नमाजे-तरावीह (Namaz-E-Taraweeh) अदा करते हैं. साथ ही अपने दोस्‍तों, रिश्‍तेदारों और देश दुनिया में अमन के लिए दुआएं मांगते हैं. रमजान का पाक महीना इस्‍लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है. इसमें लोग इबादत करके अपने रब का शुक्रिया अदा करते हैं.

पैग़ंबरे-इस्‍लाम को पसंद है तरावीह

इशां की नमाज के बाद तरावीह पढ़ी जाती हैं. इसमें 20 रकअत होती हैं. हर चार रकअत के बाद कुछ ठहरते हैं. इस महीने में रोजे रखने का बहुत सवाब होता है. रमजान उल मुबारक के महीने में दिन में रोजे रखे जाते हैं और रात में तरावीह की नमाज अदा की जाती है. रमज़ान की रात को अदा की जाने वाली बीस रकअत सामूहिक नमाज को तरावीह कहा जाता है. उर्दू सियासत की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि खुद पैग़ंबर हुज़ूर अकरम सल्‍लललाहो अलैह वसल्‍लम ने भी नमाज़ तरावीह अदा फ़रमाई और इसे पसंद फ़रमाया. नमाजे तरावीह महिला और पुरुष दोनों पढ़ते हैं.

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तरावीह हर मुसलमान पर फर्ज है

न्‍यूज वन उर्दू की एक रिपोर्ट के मुताबिक रमजान की रात को की जाने वाली सामूहिक नमाज के बाद अदा की जाने वाले बीस रकतों को "तरावीह" इसलिए कहा जाता है, क्योंकि जब लोगों ने जमाअत यानी सामूहिक तरावीह पढ़नी शुरू की तो वह हर चार रकतों के बाद उतनी देर आराम करते थे, जितनी देर में चार रकअत पढ़ी जाती थीं. नमाजे-तरावीह हर बालिग मुसलमान पर फर्ज है.
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