Rangpanchami 2021 Date: रंगपंचमी कब है, जानें सटीक तिथि और महत्व

गृह विभाग द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार, 28 और 29 मार्च को शाम चार बजे से रात्रि 10 बजे तक सार्वजनिक स्थानों पर आयोजनों की अनुमति होगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गृह विभाग द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार, 28 और 29 मार्च को शाम चार बजे से रात्रि 10 बजे तक सार्वजनिक स्थानों पर आयोजनों की अनुमति होगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Rangpanchami 2021 Date And Importance- रंगपंचमी का त्योहार बड़ी धूमधाम के साथ अबीर और गुलाल के रंगों को बिखरते हुए मनाया जाता है. इसमें राधा-कृष्ण को भी अबीर और गुलाल अर्पित किया जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 27, 2021, 6:41 AM IST
  • Share this:
Rangpanchami 2021 Date And Importance- रंगपंचमी 2 अप्रैल 2021 को शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी. रंगपंचमी का त्योहार देवी-देवताओं को समर्पित माना जाता है. रंगपंचमी होली के त्योहार के 5 दिन बाद चैत्र माह की कृष्ण पंचमी के दिन मनाई जाती है. रंगपंचमी का त्योहार विशेष तौर पर मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है. हालांकि, यह त्योहार देश के कई अन्य भागों में भी पूरे जोर-शोर से मनाया जाता है. रंगपंचमी होली से जुड़ा हुआ ही एक त्योहार है. दरअसल, होली के त्योहार का जश्न चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर पंचमी तिथि तक जारी रहता है. रंगपंचमी यानी कि कृष्ण पंचमी के दिन लोग रंग-बिरंगे अबीर से खेलते हैं. यही कारण है कि त्योहार को रंगपंचमी का नाम दिया गया है.

कैसे मनाते हैं रंगपंचमी:

रंगपंचमी का त्योहार बड़ी धूमधाम के साथ अबीर और गुलाल के रंगों को बिखरते हुए मनाया जाता है. इसमें राधा-कृष्ण को भी अबीर और गुलाल अर्पित किया जाता है. कई जगह शोभायात्रा भी निकलती हैं जिसमें लोग एक दूसरे पर अबीर-गुलाल डालते हैं और हवा में उड़ाते हैं.

इसे भी पढ़ें: हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद को मारने होलिका को भेजा, होलिका दहन की पौराणिक कथा जानें
यह त्योहार कोंकण प्रदेश में मनाया जाता है. इस त्योहार को लेकर लोगों की मान्यता है कि वातावरण में अबीर-गुलाल फैलने और रंगों से खेलने के कारण देवी-देवता रंगों की खूबसूरती की तरफ आकृष्ट होते हैं. इससे वायुमंडल में सकारात्मक प्रवाह की उत्पत्ति होती है. इस त्योहार को लेकर एक मान्यता यह भी है कि अबीर के स्पर्श में आकर लोगों के विचारों और व्यक्तित्व में सकारात्मकता आती है और उनके पाप कर्मों का नाश होता है.

Also Read: Holi 2021: होलिका दहन के समय करें ये काम, दूर होगी धन की कमी

रंगपंचमी का महत्व:



पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रंगपंचमी में उड़ने वाले अबीर-गुलाल से तामसिक और राजसिक गुणों का नाश होता है. इससे वातावरण शुभ और ऊर्जामय हो जाता है. रंगपंचमी को अनिष्टकारी शक्तियों पर जीत हासिल करने वाला त्योहार माना जाता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज