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Sankashti Chaturthi 2021: विकट संकष्टी चतुर्थी आज, ऐसे करें गणेश जी की पूजा, जानें पूजा विधि और महत्व

Sankashti Chaturthi 2021: विकट संकष्टी चतुर्थी आज, ऐसे करें गणेश जी की पूजा, जानें पूजा विधि और महत्व

संकष्टी चतुर्थी 2021: भगवान गणेश की आराधना करने से संकट दूर होते हैं.

संकष्टी चतुर्थी 2021: भगवान गणेश की आराधना करने से संकट दूर होते हैं.

Sankashti Chaturthi 2021: विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश (Lord Ganesh) जी की पूरे विधि-विधान से पूजा (Puja) की जाती है. मान्यता है कि इस दिन व्रत (Vrat) रखने और भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.

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    Sankashti Chaturthi 2021: आज 30 अप्रैल, शुक्रवार को विकट संकष्टी चतुर्थी है. वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी या विकट संकष्टी चतुर्थी कहते है. इस दिन भगवान गणेश (Lord Ganesh) जी की पूरे विधि-विधान से पूजा (Puja) की जाती है. यह दिन विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी को समर्पित है. मान्यता है कि इस दिन व्रत (Vrat) रखने और भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में आ रही बाधाएं और कष्‍ट दूर होते हैं. इसलिए भी यह भक्तों के संकट को दूर करने वाली चतुर्थी मानी जाती है.

    संकष्टी चतुर्थी पर की जाने वाली पूजा का विशेष महत्‍व है. महिलाएं संकष्टी चतुर्थी का व्रत संतान के बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य और उनकी लंबी आयु की कामना के साथ रखती हैं. मान्‍यता है कि इस दिन भगवान गणेश जी की आराधना करने से भक्‍तों पर उनकी विशेष कृपा होती है.

    संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
    संकष्टी चतुर्थी के दिन का बहुत महत्‍व है. इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए और सभी दैनिक कार्यों से निबट कर स्नान करना चाहिए. इसके बाद चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं इस कपड़े के ऊपर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद गणेश जी को अति प्रिय दूर्वा अर्पित करें. अब दीपक जलाएं और साथ ही गणेश जी को लाल पुष्प, जनेऊ, लौंग, इलायची और मिठाई चढ़ाएं. इसके बाद भोग में मोदक अर्पित करें. इसके बाद व्रत का संकल्प लें और सभी चीजें अर्पित करने के बाद भगवान गणेश की आरती करनी चाहिए और ॐ गणेशाय नमः या ॐ गं गणपते नमः मंत्रों का जाप 108 बार करें.

    विकट संकष्टी चतुर्थी: 2021 शुभ मुहूर्त
    चतुर्थी तिथि का प्रारंभ: 29 अप्रैल, 2021 को रात्रि 10 बज कर 9 मिनट
    चतुर्थी तिथि का समापन: 30 अप्रैल, 2021 को शाम बज कर 9 मिनट तक
    चन्द्रोदय का समय: रात 10 बजकर 48 मिनट

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    संकष्टी चतुर्थी का है विशेष महत्व
    धार्मिक मान्यता के अनुसार संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और सभी कष्‍ट दूर होते हैं. भगवान गणपति विघ्नहर्ता हैं और भक्तों के जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करते हैं. इस दिन का विशेष महत्‍व है और मान्‍यता है कि इस दिन भगवान गणेश जी की आराधना करने से उनकी विशेष कृपा अपने भक्‍तों पर होती है. भगवान गणेश जी की उपासना शीघ्र फलदायी मानी गयी है. विघ्नविनाशक और प्रथम पूज्नीय श्री गणेश जी के लिए इस दिन व्रत रखा जाता है, जो सुबह से लेकर शाम को चन्द्रोदय तक होता है. मान्‍यता है कि इस दिन भगवान गणेश की आराधना करने से निसंतान दंपतियों को संतान की प्राप्ति होती है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)undefined

    Tags: Religion

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