Saraswati Puja 2021: बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा का है विशेष महत्‍व, इन चीजों का लगाएं भोग

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

Saraswati Puja 2021: बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती (Maa Saraswati) की पूजा का विशेष महत्‍व है. मां सरस्‍वती के आशीर्वाद से ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2021, 10:35 AM IST
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Saraswati Puja 2021: बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना की जाती है. पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी का त्योहार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है. इस वर्ष वसंत पंचमी 16 फरवरी, मंगलवार के दिन मनाई जाएगी. हिंदू धर्म में इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती (Maa Saraswati) की पूजा का विशेष महत्‍व है. मां सरस्‍वती के आशीर्वाद से ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है. बसंत पंचमी के दिन से ही वसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है. इस दिन लोग पीले रंग धारण करते हैं और मां सरस्‍वती की पूजा कर उनकी कृपा पाते हैं.

इसलिए की जाती है मां सरस्‍वती की पूजा

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा जाती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ज्ञान की देवी मां सरस्वती शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ब्रह्माजी के मुख से प्रकट हुई थीं. यही कारण है कि इसलिए बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा होती है. पूरे विधि विधान से मां सरस्वती की पूजा की जाए तो वह प्रसन्न होती हैं, उनकी कृपा बरसती है और सारी इच्‍छाएं पूर्ण हो जाती हैं.

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मां सरस्वती को ये चीजें करें अर्पित

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा का विशेष महत्‍व होता है. इस दिन पूजा करने के लिए सबसे पहले स्नान करें और पीले या श्वेत वस्त्र धारण करने चाहिए. इसके बाद मां सरस्‍वती की प्रतिमा को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करने चाहिए. साथ ही पीले पुष्प, पीले रंग की मिठाई भी अर्पित की जानी चाहिए. इस अवसर पर मां सरस्वती की वंदना का पाठ करना अच्‍छा माना जाता है. साथ ही उनको केसर या पीले चंदन का टीका जरूर लगाएं.

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बसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त

16 फरवरी को सुबह 3 बज कर, 36 मिनट पर पंचमी तिथि प्रारंभ होगी. यह 17 फरवरी को सुबह 5 बज कर, 46 मिनट पर समाप्‍त होगी. वहीं 16 फरवरी को सुबह 6 बज कर, 59 मिनट से दोपहर 12 बज कर, 35 मिनट के बीच सरस्वती पूजा का मुहूर्त रहेगा. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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