लाइव टीवी

बसंत पंचमी 2020: मां सरस्वती की पूजा इन मंत्रों और आरती के बिना है अधूरी

News18Hindi
Updated: January 30, 2020, 8:46 AM IST
बसंत पंचमी 2020: मां सरस्वती की पूजा इन मंत्रों और आरती के बिना है अधूरी
बसंत पंचमी पर आज ऐसे करें मां सरस्वती की पूजा

बसंत पंचमी 2020: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी अपने आप में ही इतनी शुभ होती है कि इस दिन कोई मांगलिक कार्य करने से पहले दोष विचार करवाने या पंचांग देखने की आवश्यकता ही नहीं होती है. इस दिन विवाह, भूमि पूजन, नया व्यापार शुरू करना जैसे काम शुरू किए जा सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 30, 2020, 8:46 AM IST
  • Share this:
बसंत पंचमी 2020: आज बसंत पंचमी मनाई जा रही है. सुबह लोग सरस्वती पूजा करेंगे. इसके साथ ही मां सरस्वती से कामना करेंगे कि वो उन्हें बुद्धि, विद्या और विवेक दें . धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी अपने आप में ही इतनी शुभ होती है कि इस दिन कोई मांगलिक कार्य करने से पहले दोष विचार करवाने या पंचांग देखने की आवश्यकता ही नहीं होती है. इस दिन विवाह, भूमि पूजन, नया व्यापार शुरू करना जैसे काम शुरू किए जा सकते हैं. आइए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त...

बसंत पंचमी शुभ मुहूर्त:
आप बसंत पंचमी की पूजा आज सुबह से लेकर दोपहर 1 बजकर 18 मिनट तक के बीच में किसी भी समय कर सकते हैं.

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है
बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है


मां सरस्वती की पूजा करते वक्त करें इन मंत्रों का पाठ:

1. ओम ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः.

2. ओम ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः.3. या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।

या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥

या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।

सा माम् पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥

शुक्लाम् ब्रह्मविचार सार परमाम् आद्यां जगद्व्यापिनीम्।

वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌॥

हस्ते स्फटिकमालिकाम् विदधतीम् पद्मासने संस्थिताम्‌।

वन्दे ताम् परमेश्वरीम् भगवतीम् बुद्धिप्रदाम् शारदाम्‌॥

4. ऐं ह्रीं श्रीं अंतरिक्ष सरस्वती परम रक्षिणी.

मां सरस्वती की आरती:
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण, वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता ।।जय..।।

चन्द्रवदनि, पद्मासिनि द्युति मंगलकारी।
सोहे हंस-सवारी, अतुल तेजधारी।। जय.।।

बायें कर में वीणा, दूजे कर माला।
शीश मुकुट-मणि सोहे, गले मोतियन माला ।।जय..।।

देव शरण में आये, उनका उद्धार किया।
पैठि मंथरा दासी, असुर-संहार किया।।जय..।।

वेद-ज्ञान-प्रदायिनी, बुद्धि-प्रकाश करो।।
मोहज्ञान तिमिर का सत्वर नाश करो।।जय..।।

धूप-दीप-फल-मेवा-पूजा स्वीकार करो।
ज्ञान-चक्षु दे माता, सब गुण-ज्ञान भरो।।जय..।।

माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
हितकारी, सुखकारी ज्ञान-भक्ति पावे।।जय..।।

मां सरस्वती की आरती
मां सरस्वती की आरती


मां सरस्वती की वंदना:
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम् पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥1॥

शुक्लाम् ब्रह्मविचार सार परमाम् आद्यां जगद्व्यापिनीम्।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌॥
हस्ते स्फटिकमालिकाम् विदधतीम् पद्मासने संस्थिताम्‌।
वन्दे ताम् परमेश्वरीम् भगवतीम् बुद्धिप्रदाम् शारदाम्‌॥2॥
इसे भी पढ़ें: Basant Panchami 2020 Date: जानें आज या कल है वसंत पंचमी, कब है सबसे श्रेष्ठ

इसे भी पढ़ें: Shani Gochar 2020: इस राशि वालों पर लगेगी शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या, जानें क्या होगा शनि के गोचर का प्रभाव

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए कल्चर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 30, 2020, 8:25 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर