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Sarva Pitru Amavasya 2022: आज सर्व पितृ अमावस्या से पितृ पक्ष का समापन, पितरों के मोक्ष के लिए करें ये काम

सर्व पितृ अमावस्या के दिन सभी पितरों का श्राद्ध करना चाहिए.

सर्व पितृ अमावस्या के दिन सभी पितरों का श्राद्ध करना चाहिए.

आज सर्व पितृ आमवस्या है, जिसे पितृ मोक्ष अमावस्या भी कहा जाता है. आज के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने, पितरों को त ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

सर्व पितृ अमावस्या को पितृ पक्ष का समापन होता है.
सर्व पितृ अमावस्या की शाम को पितर अपने लोक वापस चले जाते हैं.

Sarva Pitru Amavasya 2022: आज सर्व पितृ आमवस्या है, जिसे पितृ मोक्ष अमावस्या भी कहा जाता है क्योंकि आज के दिन किए गए श्राद्ध और दान से पितरों की आत्माएं जीवन और मरण के चक्र से मुक्त हो जाती हैं. उनको मोक्ष प्राप्त हो जाता है. आज पितृ पक्ष का अंतिम दिन है. सर्व पितृ अमावस्या को पितृ पक्ष का समापन होता है. ऐसे में आज के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने, पितरों को तर्पण करने और दान-दक्षिणा देने से पुण्य की प्राप्ति होती है. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य से जानते हैं सर्व पितृ अमावस्या पर किए जाने वाले कार्यों के बारे में.

सर्व पितृ आमवस्या 2022
अमावस्या तिथि की शुरूआतः आज, 03:12 एएम से हुई है
अमावस्या तिथि की समाप्तिः कल, 03:23 एएम पर होगी.
सर्वार्थ सिद्धि योगः आज पूरे दिन बना हुआ है.

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सर्व पितृ अमावस्याः इन कार्यों से पितरों को मिलेगा मोक्ष
1. आज के दिन अपने सभी ज्ञात और अज्ञात पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करें.

2. आज किए गए इन कर्मों से आपके पितरों को यम का आशीर्वाद प्राप्त होगा. वे यम लोक से मुक्त हो सकेंगे और मोक्ष के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे.

3. अपने संतान के किए गए इन कार्यों से वे पितर प्रसन्न होंगे, आशीर्वाद देंगे, जिससे आपके परिवार की उन्नति होगी. सुख और शांति कायम रहेगी. बिजनेस और नौकरी में तरक्की मिलेगी.

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4. सर्व पितृ अमावस्या को अपने पितरों के निमित्त ब्राह्मण भोजन, दान, दक्षिणा देना चाहिए.

5. इन कार्यों को करने से आपके पितृ दोष दूर होते हैं. पितृ दोष के कारण असाध्य रोग, अशांति, वाद विवाद, असफलताएं आदि जैसी समस्याएं आती रहती हैं.

अपने लोक वापस जाएंगे पितर
सर्व पितृ अमावस्या की शाम को पितर अपने लोक वापस चले जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितर पितृ पक्ष में 16 दिनों तक पृथ्वी पर रहकर अपने संतानों से तृप्त होते हैं. जब वे तृप्त हो जाते हैं तो खुशीपूर्वक आशीर्वाद देकर अपने लोक वापस लौटते हैं, जो अतृप्त होते हैं वे श्राप देकर जाते हैं. जो पितृ दोष का कारण बनता है.

Tags: Dharma Aastha, Pitru Paksha

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