Sawan 2019: मंगला गौरी व्रत आज, अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं सुनती हैं यह कथा

ऐसी मान्यता है कि इस व्रत का पूरे विधि-विधान से पालन करने पर सुहागिन स्त्रियों को मां गौरी का आशीर्वाद प्राप्‍त होता है और वह अखंड सौभाग्यवती होती हैं.

News18Hindi
Updated: August 6, 2019, 12:45 PM IST
Sawan 2019: मंगला गौरी व्रत आज, अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं सुनती हैं यह कथा
मंगला गौरी व्रत कथा
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Updated: August 6, 2019, 12:45 PM IST
Sawan 2019, श्रावण मास, सावन: आज सावन के तीसरे मंगलवार को विवाहित महिलाओं ने मंगला गौरी का व्रत रखा है. सावन माह की शुरुआत 17 जुलाई से हो चुकी है. सावन के मंगलवार को सुहागिन स्त्रियां पति और संतान की लंबी उम्र की कामना के साथ यह व्रत करती हैं. ज्‍योतिष विज्ञान कहता है कि जिन युवतियों की कुंडली में विवाह का योग कमजोर होता है अथवा जिनके रिश्‍ते टूट जाने की संभावना होती है, उन्‍हें विशेष रूप में सावन के प्रत्‍येक मंगलवार को मंगला गौरी व्रत करना चाहिए. साथ ही उन्‍हें 16 सोमवार का व्रत भी रखना चाहिए. कहते हैं कि भक्ति और आराधना में बहुत ताकत होती है. मान्यता है कि माता मंगला गौरी का रूप धारण की हुई पार्वती यदि प्रसन्‍न हो जाएं तो कुंडली में लिखे दुर्भाग्‍य को भी मिटा सकती हैं. एक बार मंगला गौरी का व्रत प्रारंभ करने के बाद लगातार पांच वर्षों तक किया जाना जरूरी होता है. आइए जानते हैं मंगला गौरी व्रत की कथा.

मंगला गौरी व्रत कथा
बहुत समय पहले की बात है. एक गांव में एक धनी व्यापारी रहा करता था. उसके पास संसार का सब धन, वैभव था, सब सुख थे, लेकिन उसका कोई पुत्र नहीं था. विवाह के कई वर्ष बीत जाने के बाद भी उसे पुत्र रत्‍न की प्राप्ति नहीं हुई. बहुत मन्‍नतें करने और मंदिरों के द्वार खटखटाने के बाद आखिर में उसे एक पुत्र रत्‍न की प्राप्ति तो हुई लेकिन उस बच्चे को श्राप मिला था कि 16 वर्ष की आयु में सांप के काटने से उसकी के कारण उसी मृत्यु हो जाएगी. संयोग ऐसा हुआ कि उस व्यापारी के बेटे का का विवाह सोलह वर्ष की आयु पूर्ण करने से पूर्व ही एक ऐसी स्‍त्री के पुत्री से हुआ, जो मंगला गौरी का व्रत रखती थी. चूंकि मां ने यह व्रत अपनी पुत्री के लिए रखा था, इसलिए उसकी बेटी की जिंदगी में कभी विधवा होने का दुर्भाग्‍य नहीं आ सकता था. आखिरकार मंगला गौरी का व्रत सफल रहा और पुत्र की मृत्‍यु नहीं हुई अपितु उसे लंबा जीवन प्राप्‍त हुआ.

मंगला गौरी व्रत का फल

ऐसी मान्यता है कि इस व्रत का पूरे विधि-विधान से पालन करने पर सुहागिन स्त्रियों को मां गौरी का आशीर्वाद प्राप्‍त होता है और वह अखंड सौभाग्यवती होती हैं. इसके अलावा यह व्रत सुखी जीवन और लंबी आयु प्रदान करने वाला होता है. इस व्रत का पालन करने वाली स्‍त्री के पति और संतान के जीवन में सुख-सौभाग्‍य की वर्षा होती है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
First published: August 6, 2019, 9:14 AM IST
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