Hariyali Teej 2019 Date: हरियाली तीज कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Hariyali Teej 2019 Date Shubh Muhurt Puja Vidhi Importance Mantra: आइए जानते हैं हरियाली तीज से जुड़ी दिलचस्प बातें...

News18Hindi
Updated: July 27, 2019, 4:39 AM IST
Hariyali Teej 2019 Date: हरियाली तीज कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
Hariyali Teej 2019 Date: हरियाली तीज कब है? जानें, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
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Updated: July 27, 2019, 4:39 AM IST
Hariyali Teej 2019 Date: हिंदू धर्म में सावन माह और इसमें पड़ने वाले त्योहारों का काफी महत्व है. सावन माह में 3 अगस्त शनिवार को हरियाली तीज का व्रत पड़ रहा है. हर साल सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना करते हुए यह व्रत करती हैं. इस दिन विवाहित महिलायें इकट्ठा होकर माता पार्वती और भगवान शिव की विधिवत पूजा अर्चना करती हैं. इस अवसर पर झूला झूलने और मेहंदी लगाने का भी रिवाज है. इसके बाद 1 सितंबर को हरितालिका तीज पड़ेगी. आइए जानते हैं हरियाली तीज की पूजा विधि और इसे कैसे मनाते हैं:

Hariyali Teej 2019 Shubh Muhurt: हरियाली तीज का शुभ मुहूर्त शुक्ल पक्ष की तृतया तिथि 3 अगस्त को 1.36 बजे से शुरू होगा और रात 22.05 बजे (11 बजकर 5 मिनट) इसका समापन हो जाएगा.

कैसे मनाते हैं तीज
हरियाली तीज पर विवाहिताएं व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु के लिए माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं.

इस दिन सुहागिन महिलाओं द्वारा मेहंदी रचाने और परिवार की बुजुर्ग महिलाओं से आशीर्वाद लेने की परंपरा है. नवविवाहिताएं पहले सावन में मायके आकर हरियाली तीज का उत्सव मनाती हैं.

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हरियाली तीज का नियम है कि क्रोध को मन में नहीं आने दें. इस दिन विवाहित महिलाओं को अपने मायके से आए वस्त्र ही धारण करने चाहिए, साथ ही शृंगार में भी वहीं से आई वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए. माना जाता है कि जो कुंवारी कन्याएं इस व्रत को रखती हैं तो उनके व‌िवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं.
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इस दिन अपने होने वाली पति या पति की लंबी आयु के लिए निर्जला ( बिना पानी के) व्रत रखें. व्रत के दौरान पूरे 16 श्रृंगार करके भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करें. हाथों में नई चूड़ियां, मेहंदी और पैरों में अल्ता लगाएं.

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जो स्त्रियां इस दिन व्रत रखती हैं, उन्हें भगवान शिव की पूजा करने के बाद ही व्रत खोलना चाहिए. इस बार हरियाली तीज बुधवार को है, इसलिए पूजा-पाठ के बाद लड्डू का भोग जरूर लगाएं, क्योंकि लड्डू भगवान गणेश को बहुत पसंद हैं.

यह त्योहार वैसे तो तीन दिन मनाया जाता है लेकिन समय की कमी की वजह से लोग इसे एक ही दिन मनाने लगे हैं.

Hariyali Teej 2019 Puja Vidhi: पूजा विधि
सबसे पहले महिलाएं किसी बगीचे या मंदिर में एकत्रित होकर मां पार्वती की प्रतिमा को रेशमी वस्त्र और गहने से सजाएं.

अर्धगोले का आकार बनाकर मां की मूर्ति बीच में रखें और मां की पूजा अर्चना करती हैं. सभी महिलाओं में से एक महिला कथा सुनाती है, बाकी कथा को ध्यान से सुन, ध्यान करती हैं और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं.

इस दिन सुहागिन महिलाएं अपनी सास के पांव छूकर उन्हें सुहागी देती हैं. सास न हो तो जेठानी या घर की बुजुर्ग महिला को देती हैं. इस दिन निम्न मंत्र का जाप करना अति फलदायक होता है.

मंत्र -
गण गौरी शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया
मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभाम

सिंजारे का महत्व
हरियाली तीज पर्व पर मेंहदी, झूला और सुहाग-चिह्न सिंजारे का विशेष महत्व है. इस विशेष अवसर पर नवविवाहिताओं को उनके ससुराल से मायके बुलाने की परंपरा है. वे अपने साथ सिंघारा लाती है. साथ ही मायके से कपड़े, गहने, सुहाग का सामान, मिठाई और मेंहदी भेजी जाती है, जिसे तीज का भेंट माना जाता है. गांव-कस्बों में जगह-जगह झूले लगाए जाते हैं. कजरी गीत गाती हुई महिलाएं सामूहिक रुप से झूला झूलती हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
First published: July 27, 2019, 4:39 AM IST
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