सावन में क्यों की जाती है पार्थिव शिवलिंग की पूजा, जानें महत्व और पूजा विधि

पार्थिव शिवलिंग की पूजा से पहले भगवान के सामने बैठकर मन ही मन पूजा का संकल्प पढ़ें. अब किसी साफ़ जगह पर पवित्र मिट्टी का फूल और चन्दन से शुद्धिकरण कर लें.

News18Hindi
Updated: August 7, 2019, 11:52 AM IST
सावन में क्यों की जाती है पार्थिव शिवलिंग की पूजा, जानें महत्व और पूजा विधि
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Updated: August 7, 2019, 11:52 AM IST
Sawan Parthiv Shivling Pooja, सावन पार्थिव शिवलिंग पूजा: हिंदू धर्म में सावन माह को भगवान शिव की भक्ति का महीना माना जाता है. शिव पुराण में भी इसका जिक्र है कि भगवान शिव का प्रिय माह सावन है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन माह में भगवान शिव का पार्थिव शिवलिंग बनाकर विधिवत उसकी पूजा-अर्चना करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं सावन माह में भगवान शिव के पार्थिव शिवलिंग की विधिवत आराधना करने के क्या लाभ है और इसकी पूरी विधि.

धार्मिक मान्यता:
हिंदू धर्म की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलियुग में सबसे पहले कूष्मांड ऋषि के बेटे ने पार्थिव शिवलिंग बनाकर उसकी आराधना की थी. माना जाता है कि शिवलिंग का विधिवत पूजन करने से जीवन में सुख, संपत्ति और शान्ति रहती है. साथ ही संतान सुख से वंचित दंपत्तियों की गोद भर जाती है और सभी दुखों से छुटकारा मिलता है.

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इस तरह करें पूजा:
पार्थिव शिवलिंग की पूजा से पहले भगवान के सामने बैठकर मन ही मन पूजा का संकल्प पढ़ें. अब किसी साफ़ जगह पर पवित्र मिट्टी का फूल और चन्दन से शुद्धिकरण कर लें. अब भगवान शिव के मन्त्रों का जाप करते हुए इस मिट्टी में गाय का दूध, गाय का गोबर, गुड़, भस्म और गाय के दूध का बना मक्खन बनाकर शिवलिंग का निर्माण करें. इस बात का ख्याल रखें कि पूर्व या उत्तर दिशा में मुंह करके ही शिवलिंग बनाएं.

इस बात का ध्यान रखें कि यह शिवलिंग आठ इंच से ज्यादा ऊंचाई का न हो. माना जाता है कि इससे ज्यादा ऊंचे शिवलिंग की पूजा करने पर उसका फल नहीं मिलता है. इस शिवलिंग की आराधना करते वक्त मन ही मन भगवान से कामना करें कि वो आपकी इच्छा पूरी करें और बेलपत्र, आक का फूल, धतूरा और बेल चढ़ाएं. इसके बाद दूध और गंगाजल को मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें. इसके बाद शिवलिंग पर प्रसाद अर्पित करें. लेकिन ये प्रसाद न खुद ग्रहण करें और न ही किसी को खाने को दें.
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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: August 7, 2019, 11:50 AM IST
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