होम /न्यूज /धर्म /

Sawan Purnima 2022: आज सावन पूर्णिमा पर करें यह काम, धन की नहीं होगी कमी

Sawan Purnima 2022: आज सावन पूर्णिमा पर करें यह काम, धन की नहीं होगी कमी

शिव भक्तों के लिए सावन पूर्णिमा का दिन बेहद खास है.

शिव भक्तों के लिए सावन पूर्णिमा का दिन बेहद खास है.

सावन पूर्णिमा (Sawan Purnima) के दिन भगवान शिव के साथ लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की पूजा करना सबसे उत्तम होता है.

हाइलाइट्स

इस दिन भगवान शिव के साथ लक्ष्मी नारायण की पूजा करना शुभ होता है.
ऐसा करने से घर में धन की कमी नहीं रहती.

हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन मास की पूर्णिमा यानी श्रावणी पूर्णिमा (Sawan Purnima) 11 अगस्त 2022 को 10 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 12 अगस्त 2022 को प्रातः 07 बजकर 05 मिनट तक रहेगी. शिव भक्तों के लिए यह दिन बेहद खास है क्योंकि यह सावन मास का अंतिम दिन होता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दान कार्य करना बहुत अच्छा माना जाता है. इस दिन पितरों को प्रसाद चढ़ाने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव के साथ लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु की पूजा करना सबसे उत्तम होता है. आइए जानते हैं पंडित इंद्रमणि घनस्याल से सावन पूर्णिमा की पावन तिथि का महत्व और उससे जुड़े कई धार्मिक उपाय.

भगवान नारायण की पूजा का महत्व
परिवार में सुख-समृद्धि की वृद्धि के लिए भगवान शिव, मां लक्ष्मी के साथ भगवान नारायण की पूजा का विशेष महत्व है. सावन महीने में महादेव के साथ लक्ष्मी नारायण की पूजा करने से पुण्य लाभ मिलता है और धन में वृद्धि होती है.

यह भी पढ़ें: कैसे शुरू हुआ रक्षाबंधन का पर्व? जानें पौराणिक कथा

यह भी पढ़ें: भाई से पहले इन देवताओं को बांधें राखी, जानें इसका पौराणिक महत्व

ऐसे में देवी लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए सावन पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी को 11 पीली कौड़ियां अर्पित करें. इसके बाद अगले दिन इन सभी 11 कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें. ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से परिवार की आर्थिक तंगी दूर होती है. सुख-समृद्धि बढ़ती है और घर में मां लक्ष्मी का वास होता है.

सावन पूर्णिमा पर करें चंद्र देव की पूजा
सावन पूर्णिमा को चंद्र देवता की विधि विधान से पूजा करने से मनचाहा वरदान मिल सकता है. ज्योतिषियों के अनुसार, किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्र दोष हो तो इस उपाय से दोषमुक्त हो सकते हैं. इसके लिए सावन की पूर्णिमा को चंद्र देवता को दूध और गंगाजल से अर्घ्य देना शुभ माना जाता है.

Tags: Dharma Aastha, Lord Shiva, Religion, Sawan

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर