Sawan Shivratri 2019: महाशिवरात्रि से कितनी अलग है मासिक शिवरात्रि

फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी पर पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है, जिसे बड़े ही हषोर्ल्लास और भक्ति के साथ मनाया जाता है.

News18Hindi
Updated: August 9, 2019, 10:31 AM IST
Sawan Shivratri 2019: महाशिवरात्रि से कितनी अलग है मासिक शिवरात्रि
फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी पर पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है, जिसे बड़े ही हषोर्ल्लास और भक्ति के साथ मनाया जाता है.
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Updated: August 9, 2019, 10:31 AM IST
वैसे तो मासिक शिवरात्रि हर महीने आती है, लेकिन सावन में इसका महत्व काफी बढ़ जाता है. यह हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा होती है. जो लोग मासिक शिवरात्रि का व्रत रखना चाहते हैं वो इस दिन से महा शिवरात्रि व्रत आरम्भ कर साल भर इस व्रत को रख सकते हैं.

मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में अंतर

हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि कहते हैं. लेकिन फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी पर पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है, जिसे बड़े ही हषोर्ल्लास और भक्ति के साथ मनाया जाता है.

महत्व

पौराणिक कथाओं के अनुसार 'महाशिवरात्रि' के दिन मध्य रात्रि में भगवान शिव लिंग के रूप में प्रकट हुए थे. पहली बार शिवलिंग की पूजा भगवान विष्णु और ब्रह्मा द्वारा की गयी थी. इसीलिए महाशिवरात्रि को भगवान शिव के जन्म दिन के रूप में जाना जाता है और श्रद्धालु शिवरात्रि के दिन शिवलिंग की पूजा करते हैं.

मध्य रात्रि को 'निशिता काल' के नाम से जाना जाता है. शिव पूजन करने के लिए निशिता काल मुहूर्त को सबसे सही माना गया है. भक्तों को शिवरात्रि के दौरान जागी रहना चाहिए और रात्रि के दौरान भगवान शिव की पूजा करना चाहिए. अविवाहित महिलाएं इस व्रत को विवाहित होने एवं विवाहित महिलाएं अपने विवाहित जीवन में सुख और शान्ति बनाए रखने के लिए को करती हैं. इस दिन व्रत रखें और दिनभर फलाहार करें. सुबह और शाम शिव पुराण, शिव पंचाक्षर, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा, शिव रुद्राष्टक और शिव श्लोक का पाठ करना उत्तम रहता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: August 9, 2019, 10:29 AM IST
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