Shab-E-Barat 2021: जानिए कब है शब-ए-बरात, इसमें मिलती है गुनाहों की माफी

Shab E Barat 2021: शब-ए-बरात है इबादत की रात. Image/shutterstock

Shab E Barat 2021: शब-ए-बरात है इबादत की रात. Image/shutterstock

Shab-E-Barat 2021: शब-ए-बरात इबादत की रात मानी जाती है. इस मौके पर लोग रात भर अपने घरों और मस्जिदों में इबादत (Prayers In Mosques) करते हैं. कब्रिस्तानों (Cemeteries) में चराग जलाए जाते हैं और पूर्वजों के लिए अल्‍लाह से दुआ की जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 28, 2021, 7:28 AM IST
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Shab-E-Barat 2021: शब-ए-बरात को मुस्लिम समाज के द्वारा इबादत के पर्व के तौर पर मनाया जाता है. इस मौके पर लोग रात भर अपने घरों और मस्जिदों में इबादत (Prayers In Mosques) करते हैं और कब्रिस्तानों (Cemeteries) में जाकर अपने और पूर्वजों के लिए अल्‍लाह से दुआ करते हैं. इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक शब-ए-बरात को शाबान महीने की 14वीं तारीख और 15वीं तारीख के मध्य में मनाया जाता है. इस साल यह त्योहार (Festival) 28 मार्च से लेकर 29 मार्च को मनाया जाएगा. इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक शब-ए-बरात में इबादत करने वाले लोगों के गुनाह माफ हो जाते हैं. ऐसे में लोग इस मौके पर अल्लाह की इबादत करते हैं और अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं.

मिलती है गुनाहों की माफी

हिजरी कैलेंडर के मुताबिक शब-ए-बरात इबादत की रात होती है. यह हर साल शाबान महीने की 14 तारीख को सूर्यास्त के बाद शुरू होती है. इस मौके पर जहां लोग अल्‍लाह से अपनी बेहतरी के लिए दुआ करते हैं और गुनाओं की माफी मांग कर इबादत में रात बिताते हैं. वहीं इस रात लोग अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाते हैं, जहां रोशनी की जाती है.

मानी जाती है मुकद्दस रात
वैसे तो मुस्लिम समाज में हर त्‍योहार पर इबादत का विशेष महत्‍व है. मगर शब-ए-बारात मुसलमानों के लिए गुनाहों से आजादी की रात होती है. इस मौके पर मुस्लिम समाज में घरों को विशेष रूप से सजाया जाता है. शब-ए-बारात में मस्जिदों और कब्रिस्तानों में भी खास तरह की सजावट की जाती है. साथ ही लोग अपने बुजुर्गों की कब्रों पर जाकर चरागा करते हैं और उनके गुनाहों की माफी की दुआ मांगते हैं. मान्‍यता के मुताबिक चार मुकद्दस रातों आशूरा की रात, शब-ए-मेराज और शब-ए-कद्र में से एक शब-ए-बारात भी है. इसे बहुत ही मुकद्दस माना जाता है.

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इस मौके पर जहां रात इबादत में गुजारी जाती है, वहीं खास पकवान भी बनाए जाते हैं. हलवा, बिरयानी, कोरमा आदि से मेहमानों की मेहमान नवाजी की जाती है, वहीं गरीबों को भी खिलाया जाता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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