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शनिश्चरी अमावस्या पर बन रहा है सूर्य ग्रहण और त्रिग्राही युति का दुर्लभ संयोग, करें ये 7 उपाय

इस वर्ष शनिश्चरी अमावस्या पर सूर्य ग्रहण और त्रिग्राही युति का दुर्लभ संयोग बन रहा है.

इस वर्ष शनिश्चरी अमावस्या पर सूर्य ग्रहण और त्रिग्राही युति का दुर्लभ संयोग बन रहा है.

इस साल वैशाख माह में पड़ने वाली शनि अमावस्या (Shani Amavasya) 30 अप्रैल को मनाई जाएगी. इस दिन शनिश्चरी अमावस्या पर सूर् ...अधिक पढ़ें

इस साल वैशाख माह में पड़ने वाली शनि अमावस्या (Shani Amavasya) 30 अप्रैल को मनाई जाएगी. इस दिन शनिश्चरी अमावस्या पर सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) और त्रिग्राही युति का दुर्लभ संयोग बन रहा है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, वैशाख मास की अमावस्या तिथि का प्रारंभ 29 अप्रैल दिन शुक्रवार को देर रात 12:57 बजे से हो रहा है. अमावस्या तिथि 30 अप्रैल दिन शनिवार को देर रात 01:57 बजे खत्म होगी. उदयातिथि को देखते हुए शनिश्चरी अमावस्या 30 अप्रैल को है. श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी से जानते हैं शनिश्चरी अमावस्या पर लग रहे सूर्य ग्रहण, त्रिग्राही युति संयोग और शनि अमावस्या के उपायों के बारे में.

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शनि अमावस्या पर दुर्लभ संयोग
शनि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण भी लग रहा है. इस दिन भारत में आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा. शनि अमावस्या के दिन मेष राशि में सूर्य, चंद्रमा और राहु की युति से त्रिग्राही योग बन रहा है, जो अत्यन्त दुर्लभ है. इस अमावस्या पर शनि देव का दिन होने की वजह से यह शनिश्चरी अमावस्या है. शनि अमावस्या पर शनि देव की पूजा-अर्चना करनी चाहिए.

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शनि अमावस्या के उपाय
1. शनि अमावस्या के दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए सरसों तेल, काला तिल और नीले रंग का फूल अवश्य चढ़ाएं.

2. शनि दोष या शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव से बचने के लिए शनि अमावस्या के दिन शनि देव के मंत्रों का जाप करना उत्तम रहता है.

3. शनिश्चरी अमावस्या के दिन पितृ तर्पण, पितृ कर्मकांड, नदी-सरोवर में स्नान और अपनी क्षमतानुसार दान करने से शुभ एवं पुण्य फल की प्राप्ति होती है.

4. शनि अमावस्या के दिन असहाय लोगों की मदद करने और गरीबों को भोजन कराने से शनि देव प्रसन्न होते हैं.

5. शनिश्चरी अमावस्या पर शनि देव की पूजा करने से शनि देवी की पीड़ा से राहत पाने की कामना करते हैं. शनि देव की कृपा से साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि दोष के दुष्प्रभाव दूर हो जाते हैं और सभी बाधाएं खत्म हो जाती हैं.

6. शनि देव की पूजा करने से बिजनेस में तरक्की मिलती है और नौकरीपेशा लोगों के पद एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है.

7. शनिश्चरी अमावस्या के दिन परिवार के सभी लोगों को सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए और हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news 18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

Tags: Dharma Aastha, Shanidev, Surya Grahan

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