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आज है श्राद्ध पक्ष मातृ नवमी, जानिए इसका धार्मिक महत्व

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Updated: September 23, 2019, 6:09 AM IST
आज है श्राद्ध पक्ष मातृ नवमी, जानिए इसका धार्मिक महत्व
मातृ नवमी

आइए जानते हैं श्राद्ध पक्ष मातृ नवमी का क्या धार्मिक महत्व है...

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  • Last Updated: September 23, 2019, 6:09 AM IST
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हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मातृ नवमी श्राद्ध करने की परंपरा है. श्राद्ध पक्ष में नवमी तिथि का काफी धार्मिक महत्व है. इस दिन लोग अपनी मृतक मां या परिवार की मृतक महिलाओं का श्राद्ध कर्म करते हैं. जिन लोगों के परिवार में नवमी के दिन किसी की मृत्यु हुई थी उनके नाम पर आयोजन करवाया जाता है और उन पितरों की पूजा अर्चना की जाती है. मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शान्ति मिलती है और वो मुक्त हो जाते हैं. आइए जानते हैं श्राद्ध पक्ष मातृ नवमी का क्या धार्मिक महत्व है...

इस दिन लोग पितरों के नाम पर ब्राह्मणों को भोजन पर आमंत्रित कर उनका विधिवत स्वागत सत्कार करते हैं और भोजन कराते हैं. फिर यथा शक्ति दान दक्षिणा देकर ब्राह्मण को विदा कर उसका आशीर्वाद लेते हैं. माना जाता है कि ऐसा करने से मातृ शक्तियां प्रसन्न होती है और कृपा करती हैं.

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इस तरह करें मातृ नवमी की पूजा:

मातृ नवमी की पूजा के लिए घर के दक्षिणी कोने में हरे रंग का पवित्र कपड़ा बिछाएं. इसके बाद इसपर एक सुपारी रखते हुए अपने पूर्वजों का स्मरण करें. इसके बाद सुपारी के सामने अपने पूर्वजों के नाम से तिल के तेल का एक दिया जलाएं.

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श्रीमद्भगवद्गीता का करें पाठ:
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मातृ नवमी के दिन आटे का बड़ा दिया बनाकर उसमें तेल डालकर जलाएं. ऐसा करने से भी मातृ पितर प्रसन्न होते हैं. जो व्यक्ति पूर्वजों का श्राद्ध कर रहा है उसे श्रीमद्भगवद्गीता के नवें अध्याय का पाठ करना विशेष फलदायी होता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: September 23, 2019, 6:09 AM IST
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