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Navratri 2021: नवरात्रि में ज्वारे का क्या है महत्व, जानें ये क्या देते हैं संकेत

मां की प्रतिमा या चित्र के पास ज्वारे बोने की परम्परा है-Image/ Shutterstock.com

मां की प्रतिमा या चित्र के पास ज्वारे बोने की परम्परा है-Image/ Shutterstock.com

Navratri 2021: नवरात्रि (Navratri) में प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय, पूजा स्थल पर मां की प्रतिमा या चित्र के पास मिट्टी में जौ बोये जाते हैं. इनको ज्वारे (Jaware) कहा जाता है.

  • News18Hindi
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    Navratri 2021: शारदीय नवरात्रि (Sharadiya Navratri) हो या फिर चैत्र और गुप्त नवरात्रि, इन सभी दिनों में ज्वारे (Jaware) का काफी महत्त्व (Importance) होता है. कहा जाता है कि जो लोग कलश स्थापना या घट स्थापना करते हैं, उनको ज्वारे जरूर बोना चाहिए. क्योंकि ज्वारे के बिना मां दुर्गा की पूजा अधूरी मानी जाती है. नवरात्रि में प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के समय मिट्टी के बर्तन में ज्वारे बोने की ये परंपरा काफी पुरानी है. ज्वारों को कलश स्थापना के समय शुभ मुहूर्त में माता रानी की चौकी के पास ही बोया जाता है. ज्वारों को नवरात्रि के समापन पर बहते पानी में प्रवाहित किया जाता है. आइये जानते हैं कि नवरात्रि में ज्वारे क्यों बोये जाते हैं और इनका क्या महत्त्व है.

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    क्या होते हैं ज्वारे

    सबसे पहले बता दें कि ज्वारे क्या हैं. नवरात्रि में घर, मंदिर या पंडाल स्थित पूजा स्थल पर मां की प्रतिमा या चित्र के पास मिट्टी में जौ बोये जाते हैं. ये जौ अंकुरित होकर नौ दिनों तक धीरे-धीरे बढ़ते रहते हैं. जो देखने में हरी-भरी फसल के जैसे नज़र आते हैं. नवरात्रि के समापन पर इनको बहते पानी में प्रवाहित कर दिया  जाता है.

    ज्वारे बोने का महत्व 

    मान्यता के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के क्रम में कलश स्थापना करते समय, पूजा स्थल पर ज्वारे इसलिए बोये जाते हैं क्योंकि हिन्दू धर्म ग्रंथों में सृष्टि की शुरूआत के बाद पहली फसल जौ ही मानी गयी है. इसलिए जब भी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, तो हवन में जौ अर्पित किये जाते हैं. एक वजह ये भी मानी जाती है कि जौ अन्न ब्रह्म है और हमें अन्न का हमेशा सम्मान करना चाहिए. इसका स्थान हमेशा ऊंचा रखना चाहिए और अन्न का कभी अपमान नहीं करना चाहिए.

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    ज्वारे के संकेत

    ज्वारे आपको भविष्य में आने वाले संकेतों के बारे में जानकारी देते हैं. मान्यता के अनुसार अगर बोये गए जौ नवरात्रि के शुरुआत के तीन दिनों में ही अंकुरित होने लगते हैं तो ये शुभ संकेत होता है. लेकिन अगर यह बिल्कुल उगे ही नहीं तो भविष्य के लिए यह अच्छा नहीं माना जाता है. इसका अर्थ ये लगाया जाता है कि कड़ी मेहनत के बाद भी आपको मेहनत का फल नहीं मिलेगा. वहीं यदि आपका बोया हुआ जौ सफेद या हरे रंग में उग रहा है तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है. इसका अर्थ होता है कि आपका आने वाला समय खुशहाल रहने वाला है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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