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Kanya Puja In Navratri: जानें किस उम्र की कन्या का पूजन करने से मिलता है कौन सा वरदान?

हर साल नवरात्रि की अष्टमी तिथि यानि दुर्गा अष्टमी या महा अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं.

हर साल नवरात्रि की अष्टमी तिथि यानि दुर्गा अष्टमी या महा अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं.

Shardiya Navratri 2022 Kanya Puja: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए ही कन्या पूजन का भी विधान है. हर ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

कन्याएं साक्षात् मां दुर्गा का स्वरूप मानी जाती हैं.
दो वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कन्याओं का पूजन करना चाहिए.
कन्या पूजा करें तो उनके साथ एक छोटे बालक को भी भोजन कराएं.

Shardiya Navratri 2022 Kanya Puja: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं. मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए ही कन्या पूजन का भी विधान है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कन्याएं साक्षात् मां दुर्गा का स्वरूप मानी जाती हैं. यदि आप नवरात्रि में कन्याओं का पूजन करते हैं तो आपको देवी भगवती की कृपा प्राप्त होगी. हर साल नवरात्रि की अष्टमी तिथि यानि दुर्गा अष्टमी या महा अष्टमी के दिन कन्या पूजन करते हैं. कन्या पूजन को कुमारी पूजा और कंजक पूजा भी कहते हैं. इस साल दुर्गा अष्टमी 03 अक्टूबर को है.

काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट कहते हैं कि कन्या पूजन में आप किस उम्र की कन्या का पूजन कर रहे हैं, यह भी महत्वपूर्ण होता है. एक निश्चित उम्र तक की कन्या का ही पूजन करते हैं और उसकी उम्र के अनुसार उसे संबंधित देवी का स्वरूप माना जाता है. हर कन्या की पूजा से अलग अलग लाभ प्राप्त होता है.

कितने उम्र तक की कन्या का करें पूजन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दो वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कन्याओं का पूजन नवरात्रि की अष्टमी कोे करना चाहिए. इन कन्याओं को ही मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है. इससे अधिक उम्र की कन्या की पूजा का विधान नहीं है.

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कन्या के साथ एक बालक को कराएं भोज
दुर्गा अष्टमी के दिन जब आप कन्या पूजा करें तो उनके साथ एक छोटे बालक को भी भोजन कराएं. उनका भी आदर सत्कार करें क्योंकि उस बालक को बटुक भैरव का स्वरूप माना जाता है.

किस उम्र की कन्या में कौन सी देवी
1. दो वर्ष की कन्या को मां कुंआरी का स्वरूप माना जाता है. इनकी पूजा करने से धन से जुड़े संकट दूर हाते हैं. धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है.

2. तीन साल की कन्या को देवी त्रिमूर्ति का स्वरूप मानते हैं. इनकी आराधना करने से धन, धान्य और जीवन में सकारात्मकता आती है.

3. चार वर्ष की कन्या की देवी कल्याणी के रूप में पूजा की जाती है. इनकी पूजा करने से परिवार के सदस्यों का कल्याण होता है. जीवन सुखमय बनता है.

4. पांच साल की कन्या देवी रोहिणी का रूवरूप मानी जाती है. नवरात्रि में इस कन्या का पूजन करने से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है. परिवार के सदस्य सेहतमंद रहते हैं.

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5. छह साल की कन्या का मां कालिका के रूप में पूजन करते हैं. यह देवी शक्ति और विजय का प्रतीक हैं. इनकी पूजा करने से शक्ति और विजय की प्राप्ति होती है.

6. साल वर्ष की बालिका को मां चंडिका का रूप समझा जाता है और उनका विधिपूर्वक पूजन करते हैं. यह देवी का उग्र स्वरूप है. इनकी पूजा करने से विजय, धन, ऐश्वर्य सबकुछ प्राप्त होता है.

7. आठ साल की कन्या देवी शांभवी का स्वरूप होती है. इनका पूजन करने से कोर्ट कचहरी या वाद विवाद से जुड़े मामलों की सफलता प्राप्त होती है.

8. नौ वर्ष की कन्या को साक्षत् मां दुर्गा का स्वरूप मानकर पूजन किया जाता है. इस कन्या का पूजन करने से शत्रु पराजित होते हैं. सफलता प्राप्त होती है. पुराने कार्य भी बनते हैं.

9. 10 साल की बच्ची को देवी सुभद्रा का स्वरूप माना जाता है. इनकी पूजा करने से व्यक्ति की समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.

Tags: Dharma Aastha, Durga Pooja, Navaratri, Navratri

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