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Shukra Pradosh Vrat 2022: सुख-सौभाग्य के लिए रखें यह प्रदोष व्रत, जानें शिव पूजा का शुभ मुहूर्त और रवि योग

शुक्र प्रदोष व्रत को विधिपूर्वक रखने और शिव आराधना करने से दांपत्य जीवन खुशहाल होता है.

शुक्र प्रदोष व्रत को विधिपूर्वक रखने और शिव आराधना करने से दांपत्य जीवन खुशहाल होता है.

Shukra Pradosh Vrat 2022 October: यदि आपके जीवन में सुख और सौभाग्य की कमी है या दांपत्य जीवन खुशहाल नहीं है तो आपको शुक ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

आश्विन शुक्ल त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 07 अक्टूबर को सुबह 07 बजकर 26 मिनट पर हो रहा है.
शुक्र प्रदोष व्रत के दिन रवि योग बना हुआ है.

Shukra Pradosh Vrat 2022 October: यदि आपके जीवन में सुख और सौभाग्य की कमी है या दांपत्य जीवन खुशहाल नहीं है तो आपको शुक्र प्रदोष व्रत रखना चाहिए. इस व्रत को करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर अपने भक्त की मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं. अभी कुछ दिनों में शुक्र प्रदोष व्रत आने वाला है. आपको इस अवसर को नहीं चूकना चाहिए क्योंकि इस बार रवि योग भी बन रहा है. यह सभी अमंगल को दूर करने वाला और शुभता प्रदान करने वाला है. श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ मृत्युञ्जय तिवारी बता रहे हैं शुक्र प्रदोष व्रत की तिथि और शिव पूजा का मुहूर्त.

शुक्र प्रदोष व्रत तिथि 2022
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 07 अक्टूबर दिन शुक्रवार को सुबह 07 बजकर 26 मिनट पर हो रहा है और यह तिथि अगले दिन 08 सितंबर को प्रातः 05 बजकर 24 मिनट तक मान्य है. प्रदोष पूजा का मुहूर्त शाम के समय में होता है, इसलिए प्रदोष व्रत 07 अक्टूबर को रखा जाएगा.

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शुक्र प्रदोष पूजा मुहूर्त 2022
07 अक्टूबर को शुक्र प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 06ः00 बजे से प्रारंभ हो रहा है, जो रात 08 बजकर 28 मिनट तक रहेगा. इस दिन आपको शिव पूजा के लिए करीब ढाई घंटे का समय प्राप्त हो रहा है.

शुक्र प्रदोष के दिन बना है रवि योग
शुक्र प्रदोष व्रत के दिन रवि योग बना हुआ है. अच्छी बात यह है कि पूजा मुहूर्त के समय ही यह योग बन रहा है. रवि योग शाम को 06 बजकर 17 मिनट से अगले दिन 08 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 18 मिनट तक है.

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दिन का शुभ मुहूर्त
यदि आप प्रदोष व्रत के दिन शाम को पूजा नहीं कर सकते हैं तो दिन में कुछ मुहूर्त हैं, जिसमें आप पूजा कर सकते हैं. इस दिन के चैाघड़िया मुहूर्त के अनुसार, लाभ-उन्नति समय सुबह 07 बजकर 45 मिनट से सुबह 09 बजकर 13 मिनट तक है. उसके बाद से अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 09 बजकर 13 मिनट से सुबह 10 बजकर 41 मिनट तक है.

शुक्र प्रदोष व्रत का महत्व
शुक्र प्रदोष व्रत को विधिपूर्वक रखने और शिव आराधना करने से दांपत्य जीवन खुशहाल होता है. सुख और समृद्धि आती है. जिन लोगों के दांपत्य जीवन में समस्याएं होती हैं, वे पति-पत्नी साथ में भगवान भोलेनाथ की पूजा करें.

Tags: Dharma Aastha, Lord Shiva

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