Home /News /dharm /

शुक्रवार को इस तरह करें संतोषी माता का व्रत, मां की बरसेगी कृपा

शुक्रवार को इस तरह करें संतोषी माता का व्रत, मां की बरसेगी कृपा

शुक्रवार को संतोषी माता का व्रत विधि-विधान से करना चाहिए. Image - Shutterstock

शुक्रवार को संतोषी माता का व्रत विधि-विधान से करना चाहिए. Image - Shutterstock

Shukrawar Santoshi Mata Vrat Vidhi: हिंदू धर्म में सप्ताह के सातों दिनों का धार्मिक लिहाज से काफी महत्व है. हर दिन किसी न किसी देवी-देवता कोसमर्पित माना गया है. सोमवार का दिन भगवान शिव, मंगलवार का दिन बजरंगली का माना गया है. इसी तरह शुक्रवार का दिन भी शु्क्रदेव, मां लक्ष्मी और संतोषी माता का माना जाता है. अगर आप मां संतोषी के भक्त हैं तो इस दिन विधिपूर्वक मां का व्रत रख सकते हैं. विधिपूर्वक व्रत विधि का पालन करने पर जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख एवं समृद्धि का वास हो जाता है.

अधिक पढ़ें ...

    Shukrawar Santoshi Mata Vrat vidhi: शु्क्रवार (Shukrawar) का दिन संतोषी माता (Santoshi Mata) का दिन माना जाता है. इस दिन अगर कोई भी व्यक्ति विधिपूर्वक मां संतोषी का व्रत रखता है तो माता की कृपा से उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. वैसे तो शु्क्रवार का व्रत तीन तरह से किया जाता है. इस दिन शुक्रदेव के साथ ही संतोषी माता और मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है. इन तीनों ही व्रतों को करने की विधि अलग-अलग होती है. बता दें कि हिंदू धर्म में सप्ताह के हर दिन को किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित किया गया है. किसी दिन एक से ज्यादा देवी-देवताओं की भी उपासना की जाती है.
    अगर आप मां संतोषी के भक्त हैं और उनकी कृपा चाहते हैं तो उन्हें प्रसन्न करने के लिए कठोर नियमों का पालन करना आवश्यक होता है. अगर व्रत रखने के दौरान कोई गलती होती है तो संतोषी मां नाराज होकर भक्तों से कृपादृष्टि हटा लेती हैं. इससे जीवन में कष्टों का सामना करना पड़ता है. अगर आप भी मां संतोषी का व्रत रखना चाहते हैं तो हम आपको इस व्रत की विधि बता रहे हैं.

    संतोषी माता के व्रत की विधि
    – शुक्रवार के दिन अगर आपने संतोषी माता का व्रत रखा है तो सूर्योदय से पूर्व उठें.
    – इसके बाद घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई करें और उसके बाद स्वच्छ पानी से स्नान करें.
    – घर के अंदर स्थित पूजा घर या फिर किसी साफ एवं पवित्र स्थान पर संतोषी माता की मुर्ति या उनकी तस्वीर स्थापित करें.

    इसे भी पढ़ें: गुरुवार को इस विधि से करें बृहस्पति देव की पूजा, चमक जाएगी किस्मत!
    – एक बड़े पात्र में शुद्ध जल भरकर रखें और अपने पास संपूर्ण पूजन सामग्री को जुटा लें.
    – अब जल में भरे पात्र के ऊपर एक अन्य पात्र में गुड़ और चने को भरकर रख दें.
    – अब विधि-विधानपूर्वक संतोषी माता की पूजा करें.
    – पूजा संपन्न होने के बाद संतोषी माता व्रत कथा का पाठ करें.
    – इसके बाद आरती कर सभी लोगों को गुड़ और चने के प्रसाद का वितरण करें.
    – आखिर में घर के सभी स्थानों पर बड़े पात्र में भले जल का छिड़काव कर दें और बाकी बचे जल को तुलसी के पौधे में डाल दें.
    – इसी तरह नियमित रुप से 16 शुक्रवार का व्रत करें.
    – आखिरी शुक्रवार को इस व्रत का विसर्जन किया जाता है.
    – विसर्जन के बाद संतोषी माता का पूजन कर 8 बालकों को खीर पुड़ी का भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा और केले का प्रसाद दें.

    इसे भी पढ़ें: बुधवार को करें विघ्नहर्ता गणेश जी के अथर्वशीर्ष स्त्रोत का पाठ, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

    व्रत के दौरान न करें ये काम
    – व्रत करने वाली स्त्री या फिर पुरुष को खट्टी चीज़ को न ही छूना चाहिए और न ही उसे खाना चाहिए.
    – व्रती को गुड़ और चने का प्रसाद बांटने के साथ ही खुद भी खाना चाहिए.
    – भोजन के उपरांत किसी भी तरह की खट्टी चीज़, अचार या कोई भी खट्टा फल नहीं खाना चाहिए.
    – जिस भी व्यक्ति ने व्रत रखा है उसके परिवार के भी किसी अन्य सदस्य को शुक्रवार के दिन खट्टी चीज़ नहीं खाना चाहिए.

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Religion

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर