Solar Eclipse 2020: थोड़ी देर में शुरू होने वाला है साल का पहला सूर्यग्रहण, जानें सब कुछ

Solar Eclipse 2020: थोड़ी देर में शुरू होने वाला है साल का पहला सूर्यग्रहण, जानें सब कुछ
सूर्य ग्रहण आज सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर लगेगा और शाम 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा.

ज्योतिष, आज लगने वाले सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2020) को बहुत दुर्लभ बता रहे हैं. उनका मानना है ऐसा सूर्य ग्रहण अब 900 साल बाद ही लगेगा. ग्रहण के दौरान सूर्य (Sun) वलयाकार की स्थिति में केवल 30 सेकंड तक ही रहेगा.

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Solar Eclipse 2020 date and time: साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) आज थोड़ी देर में लगेगा. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण है. पूर्ण सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य (Sun), चंद्रमा (Moon) और पृथ्वी (Earth) तीनों एक सीधी रेखा में होते हैं और चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढंक लेता है. जबकि आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान, सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक रेखा में नहीं होते हैं और चंद्रमा सूर्य की सतह पर केवल एक छोटी छाया बना देता है. पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) होने की वजह से दिन में अंधेरा हो जाएगा. धार्मिक दृष्टि से यह सूर्य ग्रहण काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह चंद्र ग्रहण के ठीक 16 दिन बाद पड़ रहा है. सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले से ही शुरू हो चुका है.

ग्रहण और सूतक काल का समय
सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पहले ही शुरू हो चुका है. सूतक काल 20 जून की रात 10 बजे से शुरू हो चुका है. सूर्य ग्रहण का मध्‍य दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर होगा. ग्रहण का मोक्ष दोपहर 2 बजकर 7 मिनट पर होगा. भारतीय मानक समयानुसार, सूर्य ग्रहण आज सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर लगेगा और शाम 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा. पूर्ण ग्रहण को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर देखा जा सकेगा.

कहां-कहां दिखेगा ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण अफ्रीका के कई हिस्सों में, सेंट्रल रिपब्लिक, कांगो और इथोपिया में , पाकिस्तान के दक्षिण भाग में, उत्तरी भारत और चीन में देखा जा सकेगा. भारत में यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा.



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क्यों है ये सूर्य ग्रहण खास
ज्योतिष, आज लगने वाले सूर्य ग्रहण को बहुत दुर्लभ बता रहे हैं. उनका मानना है ऐसा सूर्य ग्रहण अब 900 साल बाद ही लगेगा. ग्रहण के दौरान सूर्य वलयाकार की स्थिति में केवल 30 सेकंड तक ही रहेगा. वलयाकार या कुंडलाकार सूर्य ग्रहण में सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक रेखा में ही होते हैं और चंद्रमा सूर्य का मध्य भाग ढक लेता है. इस स्थिति में सूर्य एक रिंग की तरह दिखाई देने लगता है. नासा के अनुसार, वलयाकार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी से बहुत दूर होता है जिसकी वजह से चंद्रमा छोटा दिखाई देने लगता है. चंद्रमा का आकार सूर्य से छोटा है. ग्रहण के दौरान, सूर्य का छोर चंद्रमा के चारों तरफ एक रिंग के रूप में दिखाई देता है, जिसे 'रिंग ऑफ फायर' भी कहते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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