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Somvar 2021: इन मंत्रों के जाप से प्रसन्न होंगे भगवान शिव

सोमवार को भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा की जाए तो सारे कष्ट दूर होते हैं.
सोमवार को भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा की जाए तो सारे कष्ट दूर होते हैं.

Somvar Puja 2021:महिलाएं सौभाग्य प्राप्ति की कामना के साथ सोमवार का व्रत रखती हैं. मान्यता है कि यदि कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए सोमवार का व्रत रखती हैं तो उन्हें मनचाहे उपयुक्त जीवनसाथी की प्राप्ति होती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 9:57 AM IST
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हिंदू धर्म में सोमवार (Monday) का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. आज सोमवार के दिन भक्त भगवान शिव को (Lord Shiva) प्रसन्न करने के लिए पूजा-अर्चना कर रहे हैं. इस दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना का विशेष महत्व है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार को विधिवत तरीके से भोलेनाथ की पूजा करने से भगवान प्रसन्न होते हैं. महिलाएं सौभाग्य प्राप्ति की कामना के साथ सोमवार का व्रत रखती हैं. मान्यता है कि यदि कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए सोमवार का व्रत रखती हैं तो उन्हें मनचाहे उपयुक्त जीवनसाथी की प्राप्ति होती है. हर पूजा में मंत्रों का ख़ास महत्व होता है. इन शक्तिशाली मंत्रों के जाप से भगवान शिव प्रसन्न होंगे...



भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र-



- ओम साधो जातये नम:।।

- ओम वाम देवाय नम:।।
- ओम अघोराय नम:।।

- ओम तत्पुरूषाय नम:।।

- ओम ईशानाय नम:।।

-ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।

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रूद्र गायत्री मंत्र

ॐ तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।।

महामृत्युंजय गायत्री मंत्र

– ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनम्‌।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्‌ ॐ स्वः भुवः ॐ सः जूं हौं ॐ ॥

शिव जी का मूल मंत्र

– ऊँ नम: शिवाय।।

शिव पंचाक्षर स्त्रोत :

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांगरागाय महेश्वराय.

नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे"न" काराय नमः शिवायः॥

मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय|

मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे "म" काराय नमः शिवायः॥

शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय.

श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै"शि" काराय नमः शिवायः॥

वषिष्ठ कुभोदव गौतमाय मुनींद्र देवार्चित शेखराय.

चंद्रार्क वैश्वानर लोचनाय तस्मै"व" काराय नमः शिवायः॥

यज्ञस्वरूपाय जटाधराय पिनाकस्ताय सनातनाय.

दिव्याय देवाय दिगंबराय तस्मै "य" काराय नमः शिवायः॥

पंचाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेत शिव सन्निधौ|

शिवलोकं वाप्नोति शिवेन सह मोदते॥ (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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