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Sunday Special: इस मंदिर में चढ़ता है लिंग का चढ़ावा, क्या आप जानते हैं देश दुनिया के इन अजब गजब मंदिरों के बारे में

Bhagya Shri Singh | News18Hindi
Updated: December 15, 2019, 7:22 AM IST
Sunday Special: इस मंदिर में चढ़ता है लिंग का चढ़ावा, क्या आप जानते हैं देश दुनिया के इन अजब गजब मंदिरों के बारे में
जानें देश दुनिया के अजब गजब मंदिरों के बारे में

Sunday Special: इन रहस्यमयी मंदिरों के चमत्कार और मान्यताएं सुनकर हर कोई दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर हो जाता है. लेकिन ऐसा कोई नहीं है जो इन चमत्कारों के आगे नमस्कार न करे.

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  • Last Updated: December 15, 2019, 7:22 AM IST
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Sunday Special: भगवान को किसी ने आजतक नहीं देखा फिर भी लोग एक अलौकिक शक्ति में विश्वास करते हैं. शायद यही वजह है कि केवल हमारे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कई मंदिर बने हैं. इन मंदिरों में लाखों से ज्यादा लोगों की भीड़ लगती है. कुछ मंदिर तो ऐसे भी हैं जिनके रीति रिवाज और मान्यताएं एकदम अजब गजब हैं. इन रहस्यमयी मंदिरों के चमत्कार और मान्यताएं सुनकर हर कोई दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर हो जाता है. लेकिन ऐसा कोई नहीं है जो इन चमत्कारों के आगे नमस्कार न करे. आइए आज आपको बताते हैं देश और विदेश में बने ऐसे ही कुछ मंदिरों के बारे में...

मंदिर में चढ़ता है लिंग:
चाओ माई तुप्तिम का मंदिर थाईलैंड में स्यान नदी के किनारे बैंकॉक में बना हुआ है. इस मंदिर की ख़ास बात यह है कि इस मंदिर में आने वाले भक्त मां को धातु, लकड़ी या रबर से बने लिंग का चढ़ावा चढ़ाते हैं. मान्यता है कि मां को लिंग चढ़ाने से संतान की प्राप्ति होती है. बुद्ध काल में चाओ माई तुप्तिम को प्रजनन (रिप्रोडक्शन) की देवी माना जाता था.

रजस्वला होती हैं मां कामाख्या:

असम के गुवाहाटी में बना कामाख्या देवी मंदिर भी काफी रहस्यमय है. मान्यता है कि साल भर में एक बार पड़ने वाले अम्बोवाची पर्व के दौरान कामाख्या देवी को रजस्वला (पीरियड्स) होता है. इस दौरान मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और मंदिर की नालियों में जल की जगह खून प्रवाहित होते देखा जाता है. भक्तों को प्रसाद के रूप में मां के रजस्वला होने के समय का कपड़ा प्रसाद में दिया जाता है.

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मां के मुख से निकलती है आग:51 शक्तिपीठों में से एक मां ज्वाला देवी का मंदिर काफी प्रसिद्ध है. मान्यता है कि जब भगवान शिव मां सती का जला हुआ शव लेकर आकाशमार्ग से जा रहे थे तब इसी स्थान पर मां की जीभ गिरी थी. वहीं पर ज्वाला देवी मंदिर का निर्माण हुआ है. कई सालों से यहां मां की जीभ में आग बिना बुझे हुए लगातार जल रही है.

ज्वाला देवी मंदिर
ज्वाला देवी मंदिर


मंदिर पर फेल हुए पाकिस्तानी बम:
माता तनोट राय का मंदिर जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बना हुआ है. 1965 और 1971 में हुए युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सैनिक युद्ध करते हुए भारत की सीमा के अंदर आ गए और उन्होंने मंदिर पर गोले बरसाए. लेकिन एक भी बम नहीं फटा. इसके ठीक उलट पाकिस्तानी सेना मतिभ्रम का शिकार हो गई और आसपास के ही लड़ने लगी. उस समय के निष्क्रिय हुए बम आज भी मंदिर के संग्रहालय में जीवित रखे हुए हैं.

बिना दरवाजों के हैं घरः
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में बना हुआ शनि शिंगणापुर का मंदिर काफी प्रसिद्ध है. मान्यता है कि इस गांव में शनि देव की कृपा ऐसी बरसती है कि गांव के लोगों ने अपने घरों में दरवाजा नहीं लगाया है. लोगों का मानना है कि गांव में चोरी नहीं हो सकती और जो भी ये प्रयास करेगा उसका खुद का घाटा होगा. यहां लोग खुलेआम सारा सामान छोड़कर यूंही जा सकते हैं. यहां शनि देव की काले रंग की पाषाण (पत्थर) की प्रतिमा है. लोगों का मानना है कि एक मामा भांजे को सपने में शनि देव ने दर्शन देकर बताया था कि पास की नदी में एक काले रंग का पत्थर तैर रहा है. इसे स्थापित कर पूजा करो. पत्थर के रूप में यह मैं ही हूं. तभी से मामा भांजे ने लोगों की मदद से इस पाषाण को शनि देव के रूप में मंदिर में स्थापित किया.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: December 15, 2019, 6:18 AM IST
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