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Surya Arghya: सूर्य को प्रतिदिन अर्घ्य देने से होते हैं विशेष लाभ, जानें 5 महत्वपूर्ण बातें

Surya Arghya: सूर्य को प्रतिदिन अर्घ्य देने से होते हैं विशेष लाभ, जानें 5 महत्वपूर्ण बातें

हिन्दू धर्म में सूर्य पूजा का विशेष महत्व है.

हिन्दू धर्म में सूर्य पूजा का विशेष महत्व है.

Surya Arghya: जिस प्रकार सूर्य देव पूरी सृष्टि को प्रकाशवान करते हैं, वैसे ही कुंडली (Kundali) में सूर्य की प्रबल स्थिति भाग्य को चमकाने वाली होती है. जिनकी कुंडली में सूर्य (Sun) प्रबल होता है, उनको नौकरी (Job) या कार्य क्षेत्र में यश मिलता है. उच्च पद प्राप्त करते हैं. सूर्य के समान वे भी तेजस्वी होते हैं. आत्मविश्वास मजबूत होता है.

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    Surya Arghya: जिस प्रकार सूर्य देव पूरी सृष्टि को प्रकाशवान करते हैं, वैसे ही कुंडली (Kundali) में सूर्य की प्रबल स्थिति भाग्य को चमकाने वाली होती है. जिनकी कुंडली में सूर्य (Sun) प्रबल होता है, उनको नौकरी (Job) या कार्य क्षेत्र में यश मिलता है. उच्च पद प्राप्त करते हैं. सूर्य के समान वे भी तेजस्वी होते हैं. आत्मविश्वास मजबूत होता है. पिता से संबंध अच्छे होते हैं. जब वहीं सूर्य कुंडली में नीच भाव का या दुर्बल होता है, तो विपरीत स्थितियां उत्पन्न होती हैं. व्यक्ति को अपयश का भागी होना पड़ता है. पिता से संबंध खराब रहते हैं और आत्मविश्वास भी निर्बल होता है. इन वजहों से ही ज्योतिषाचार्य सूर्य देव की नियमित पूजा करने और जल देने का सुझाव देते हैं. यदि आपकी कुंडली में सूर्य कमजोर न हो, तो भी अर्घ्य देना चाहिए. आइए जानते हैं सूर्य को नियमित अर्घ्य देने से जुड़ी बातों के बारे में:

    सूर्य को अर्घ्य देने का लाभ
    1. सूर्य को आत्मा और पिता का कारक माना गया है. सूर्य को नियमित अर्घ्य देने से आत्मा शुद्ध रहती है, पिता से सुख और सहयोग प्राप्त होता है.

    2. नौकरी में तरक्की और प्रभाव के लिए सूर्य देव को नियमित तौर पर जल अर्पित करना चाहिए.

    3. सूर्य की पूजा करने और अर्घ्य देने से व्यक्ति में आंख और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं होने की आशंका कम हो जाती है.

    4. जो लोग राजनीति में हैं, उनको नियमित सूर्य वंदना और अर्घ्य देना चाहिए. इससे प्रभाव बढ़ता है.

    5. सूर्य की पूजा और अर्घ्य देने से कुंडली में इस ग्रह से जुड़े दोष धीरे-धीरे दूर हो जाते हैं.

    सूर्य को अर्घ्य देने का समय
    सूर्य देव को सूर्योदय से लेकर उसके पश्चात एक घंटे तक अर्घ्य दे सकते हैं. तांबे के पात्र में जलभर कर उसमें अक्षत्, रोली और लाल फूल डालकर सूर्य मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य देना चाहिए.

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

    Tags: Dharma Aastha, Spirituality

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