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Surya Grahan 2021: क्या आपको पता है सूर्य ग्रहण से जुड़ीं इन अजीबोगरीब मान्यताओं के बारे में?

Surya Grahan 2021: क्या आपको पता है सूर्य ग्रहण से जुड़ीं इन अजीबोगरीब मान्यताओं के बारे में?

ग्रहण के समय कोई भी शुभ या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए.

ग्रहण के समय कोई भी शुभ या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए.

Surya Grahan 2021: धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य पीड़ित हो जाते हैं, जिस कारण सूर्य की शुभता में कमी आ जाती है. मान्‍यता है कि ग्रहण के कई प्रभाव पड़ते हैं. भारत (India) और अन्‍य कई देशों में सूर्य ग्रहण को लेकर कई मान्यताएं हैं. वहीं ग्रहण का धार्मिक और ज्योतिष के नजरिये से बहुत महत्व है. ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. सूर्य ग्रहण को लेकर मान्‍यता यह भी है कि ग्रहण के समय कोई भी शुभ या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए.

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    Surya Grahan 2021: इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) 4 दिसंबर (शनिवार) को लगेगा. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना जाता है. इसका वैज्ञानिक महत्व भी बहुत अधिक होता है. ग्रहण को ज्योतिष में अशुभ घटना के तौर पर देखा जाता है. यही वजह है कि इस दौरान पूजा-पाठ व शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य पीड़ित हो जाते हैं, जिस कारण सूर्य की शुभता में कमी आ जाती है. मान्‍यता है कि ग्रहण के कई प्रभाव पड़ते हैं.

    भारत (India) और अन्‍य कई देशों में सूर्य ग्रहण को लेकर कई मान्यताएं हैं. वहीं ग्रहण का धार्मिक और ज्योतिष के नजरिये से बहुत महत्व है. सूर्य ग्रहण को लेकर लोगों के मन में कई तरह की जिज्ञासाएं उठती हैं. आइए आपको बताते हैं इन मान्यताओं के बारे में.

    भारत में सूर्य ग्रहण को लेकर मान्‍यताएं

    -मान्‍यता है कि ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. वहीं कुछ लोगों के अनुसार सूर्य ग्रहण को देखने के बाद स्नान जरूर कर लेना चाहिए.

    -मान्‍यता है कि सूर्य ग्रहण के दिन किसी पेड़ से पत्ता, फूल और लकड़ी नहीं तोड़नी चाहिए. इसके अलावा बाल और कपड़े भी नहीं निचोड़े जाने चाहिए.

    इसे भी पढ़ेंः Surya Grahan 2021: आखिर क्यों लगता है सूर्यग्रहण? जानें क्या है राहू-केतू की पौराणिक कथा

    -सूर्य ग्रहण को लेकर मान्‍यता यह भी है कि ग्रहण के समय कोई भी शुभ या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए.

    -मान्‍यता है कि सूर्य ग्रहण के समय अगर दूसरे व्‍यक्ति का अन्न खा लिया जाए, तो इससे 12 वर्षों का इकट्ठा किया हुआ सारा पुण्य नष्ट हो जाता है. वहीं यह भी कहा गया है कि इस समय गुरुमंत्र, ईष्टमंत्र या फिर भगवान के नाम का जप जरूर करना चाहिए.

    -इनके अलावा एक मान्‍यता यह भी है कि सूर्य ग्रहण के समय ताला नहीं खोलना चाहिए. भोजन भी नहीं करने चाहिए. वहीं इस दौरान सोना भी नहीं चाहिए और मलमूत्र का त्याग करने से भी बचना चाहिए.

    -हालांकि सूर्य ग्रहण के दौरान कई पुण्‍य काम करने को कहा गया है. इस समय अगर गायों को घास, पक्षियों को अन्न के साथ ही अगर जरूरतमंदों को वस्त्र का दान दिया जाए, तो इसका कई गुना पुण्य मिलता है.

    -वहीं सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को ज्‍यादा एहतियात बरतने की बात कही गई है. यह भी कहा गया है कि 3 दिन या 1 दिन उपवास किया जाए, तो इसका अच्‍छा फल प्राप्‍त होता है. हालांकि मान्‍यता यह भी है कि किसी संतान वाले गृहस्थ व्‍यक्ति को सूर्य ग्रहण और संक्रांति के दिन उपवास नहीं करना चाहिए.

    -एक मान्‍यता यह भी है कि ग्रहण वेध की शुरुआत में तिल या कुशमिश्रित पानी के इस्‍तेमाल से भी बचना चाहिए या बहुत ही जरूरी हो तभी इसका इस्‍तेमाल करना चाहिए. इसके अलावा सूर्य ग्रहण शुरू होने से लेकर इसके अंत तक अन्न और जल भी नहीं लेना चाहिए.

    अन्‍य देशों में सूर्य ग्रहण से जुड़ी मान्‍यताएं

    -सूर्य ग्रहण को लेकर अफ्रीका में एक अनोखी मान्यता है. यहां के लोग मानते हैं कि सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच युद्ध होता है.

    -मेक्सिको के टेवा समुदाय के लोगों की मान्यता है कि जब सूरज काफी गुस्से में रहता है तब सूर्य ग्रहण होता है. लोग मानते हैं कि सूरज इस कदर गुस्से में रहता है कि वह आसमान छोड़कर जाने का फैसला कर लेता है.

    इसे भी पढ़ेंः Surya Grahan 2021: 4 दिसंबर को है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें कैसा होगा इसका प्रभाव

    -उत्तरी यूरोप के स्कैंडिनेविया इलाके के लोगों का मानना है कि आसमान में दो भेड़िए रहते हैं. ये दोनों भेडि़ए सूरज और चांद को पकड़ने के लिए भागते हैं. दोनों भेड़िए सूरज या चांद में से जिसे भी पकड़ लेते हैं, उसके ऊपर ग्रहण लग जाता है.

    -ग्रीस में सूर्य ग्रहण को लेकर मान्यता है कि जब ईश्वर श्राप देते हैं तब सूर्य ग्रहण होता है.

    -चीन में प्राचीन मान्यता है कि जब ड्रेगन सूर्य को निगलने की कोशिश करता है तब सूर्य ग्रहण होता है. ऐसे में ड्रैगन को डराने और सूरज को बचाने के लिए आसमान की ओर तीर फेंके जाते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

    Tags: Religion, Surya Grahan

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