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Surya Grahan 2021: कुंडली में है अगर सूर्य-राहु दोष तो सूर्य ग्रहण होगा फायदेमंद, जानें पं. नवीन उपाध्याय से कैसे मिलेगा 'लाभ'

Surya Grahan 2021: कुंडली में है अगर सूर्य-राहु दोष तो सूर्य ग्रहण होगा फायदेमंद, जानें पं. नवीन उपाध्याय से कैसे मिलेगा 'लाभ'

सूर्य-राहु से होने वाले ग्रहण दोष का  निवारण सूर्य ग्रहण के दिन किया जा सकता है.

सूर्य-राहु से होने वाले ग्रहण दोष का निवारण सूर्य ग्रहण के दिन किया जा सकता है.

Surya Grahan 2021: साल का आखिरी सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) 4 दिसंबर (शनिवार) को पड़ने जा रहा है. ज्योतिष के मुताबिक सूर्यग्रहण आमतौर पर अशुभ ही माना जाता है. लेकिन कुछ जातकों के लिए यह ग्रहण अपनी परेशानी दूर करने का सही वक्त हो सकता है. दरअसल सूर्य-राहु के दोष से पीड़ित जातक सूर्य ग्रहण के दिन अपनी कुंडली में मौजूद ग्रहण दोष को शांत कर सकते हैं. खास बात ये है कि कुंडली में सूर्य से निर्मित ग्रहण दोष सिर्फ सूर्य ग्रहण के दिन ही शांत किया जा सकता है.

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    Surya Grahan 2021: इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) 4 दिसंबर यानी आज होने जा रहा है. वैसे तो ग्रहण एक खगोलीय घटना होती है लेकिन धार्मिक और ज्योतिषीय लिहाज से भी इसका काफी महत्व होता है. आखिरी सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) भारत में उपछाया ग्रहण होगा, इसका अर्थ हुआ कि हमारे यहां सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक काल (Sutak Kaal) नहीं लगेगा. जिन जातकों की कुंडली में ग्रहण दोष है वे उपछाया सूर्य ग्रहण होने की स्थिति में भी इस दोष का निवारण कर सकते हैं. बता दें कि 4 दिसंबर को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण साल का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा. पहला सूर्य ग्रहण 10 जून 2021 को पड़ा था.

    इस वजह से होता है ग्रहण दोष
    किसी भी जातक की कुंडली में सूर्य-राहु की युति या फिर चंद्र-राहु की युति ग्रहण दोष का निर्माण करती हैं. पंडित नवीन उपाध्याय के अनुसार, अगर किसी की कुंडली में सूर्य-राहु लग्न कुंडली के किसी भी भाव में एक साथ हों या फिर दोनों में दृष्टिसंबंध हो तो ऐसी स्थिति में सूर्य ग्रहण दोष बनता है. वहीं, किसी जातक की कुंडली में अगर कुंडली में चंद्र-राहु लग्न कुंडली के किसी भी भाव में एक साथ हों या फिर दोनों में दृष्टिसंबंध हो तो ऐसी स्थिति में चंद्र ग्रहण दोष बनता है.
    कुंडली में मौजूद होने वाले इस ग्रहण दोष की खास बात यह होती है कि इसकी शांति भी ग्रहण के दिन ही होती है. अगर आपकी कुंडली में सूर्य-राहु की वजह के ग्रहण दोष बन रहा है तो 4 दिसंबर को सूर्य ग्रहण के दिन आप इस दोष की शांति करा सकते हैं.

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    इस तरह करें ग्रहण दोष की शांति
    सूर्य ग्रहण के दिन ग्रहण दोष के निवारण के लिए किसी भी तीर्थ स्थान पर जाकर पवित्र नदी (गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी) में ग्रहण काल में स्नान कर भगवान शिव की आराधना करना चाहिए. इसके अलावा सूर्य ग्रहण के दौरान अपनी क्षमता के अनुसार ज्यादा से ज्यादा ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जप करना चाहिए. अगर आप इस मंत्र का 7700 बार जप कर सकें तो ये काफी श्रेष्ठ रहेगा. जब ग्रहण काल समाप्त हो जाए तो एक बार फिर स्नान करना चाहिए. उसके बाद जो पूर्व में धारण किए वस्त्र थे उन्हें त्याग देना चाहिए. इसके बाद रक्तवर्णी चीजों का दान करना चाहिए. जैसे गेंहू, गुड़, तांबा, मसूर दाल इत्यादि. इस तरह ग्रहण दोष की शांति की जा सकती है.

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    जो लोग किसी तीर्थ स्थान पर जाकर पवित्र नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं उन्हें भी परेशान होने की जरूरत नहीं हैं. पंडित नवीन उपाध्याय बताते हैं कि ऐसे जातक घर पर ही अपने ग्रहण दोष का निवारण कर सकते हैं. दोष निवारण के लिए स्नान से पूर्व पवित्र नदियों का स्मरण करते हुए ‘ॐ गङ्गा च यमुना चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेस्मिन् सन्निधिं कुरु।।’ मंत्र बोलकर आव्हान करना चाहिए. उसके बाद उपरोक्त सभी विधि का पालन करना चाहिए. इससे भी ग्रहण दोष से राहत मिल जाती है.

    Tags: Religion, Surya Grahan

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