Radhashtami 2020: राधाष्टमी पर श्रीराधा जी के ये 32 नाम देंगे रिश्तों में प्रेम और सुख का वरदान

Radhashtami 2020: राधाष्टमी पर श्रीराधा जी के ये 32 नाम देंगे रिश्तों में प्रेम और सुख का वरदान
श्री राधा जी के यह नाम रिश्तों को मिठास और ताजगी देते हैं और जीवन को शांत, सरल और सुखद बनाते हैं.

पौराणिक शास्त्रों के अनुसार कृष्ण (Krishna) के जन्मदिन भादों कृष्णपक्ष अष्टमी से पन्द्रह दिन बाद शुक्लपक्ष की अष्टमी को दोपहर अभिजित मुहूर्त में श्रीराधा (Shri Radha) जी राजा वृषभानु की यज्ञ भूमि से प्रकट हुई थीं.

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  • Last Updated: August 26, 2020, 8:08 AM IST
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राधाष्टमी २०२० (Radhashtami 2020): आज राधाष्टमी (Radha Ashtami) मनाई जा रही है. राधाष्टमी हर साल भाद्रपद माह के शुक्लपक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है. राधाष्टमी को लोग श्रीकृष्ण प्रिया राधारानी के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं. पौराणिक शास्त्रों के अनुसार कृष्ण (Krishna) के जन्मदिन भादों कृष्णपक्ष अष्टमी से पन्द्रह दिन बाद शुक्लपक्ष की अष्टमी को दोपहर अभिजित मुहूर्त में श्रीराधा (Shri Radha) जी राजा वृषभानु की यज्ञ भूमि से प्रकट हुई थीं. श्री राधा जी के 32 नामों का स्मरण करने से जीवन में सुख, प्रेम और शांति का वरदान मिलता है. धन और संपत्ति तो आती जाती है जीवन में सबसे जरूरी है प्रेम, सुख और शांति. श्री राधा जी के यह नाम रिश्तों को मिठास और ताजगी देते हैं और जीवन को शांत, सरल और सुखद बनाते हैं.

1. मृदुल भाषिणी राधा ! राधा !!
2. सौंदर्य राषिणी राधा ! राधा !!
3. परम् पुनीता राधा ! राधा !!
4. नित्य नवनीता राधा ! राधा !!
5. रास विलासिनी राधा ! राधा !!


6. दिव्य सुवासिनी राधा ! राधा !!
7. नवल किशोरी राधा ! राधा !!
8. अति ही भोरी राधा ! राधा !!
9. कंचनवर्णी राधा ! राधा !!
10. नित्य सुखकरणी राधा ! राधा !!
11. सुभग भामिनी राधा ! राधा !!
12. जगत स्वामिनी राधा ! राधा !!
13. कृष्ण आनन्दिनी राधा ! राधा !!
14. आनंद कन्दिनी राधा ! राधा !!
15. प्रेम मूर्ति राधा ! राधा !!
16. रस आपूर्ति राधा ! राधा !!
17. नवल ब्रजेश्वरी राधा ! राधा !!
18. नित्य रासेश्वरी राधा ! राधा !!
19. कोमल अंगिनी राधा ! राधा !!
20. कृष्ण संगिनी राधा ! राधा !!
21. कृपा वर्षिणी राधा ! राधा !!
22. परम् हर्षिणी राधा ! राधा !!
23. सिंधु स्वरूपा राधा ! राधा !!
24. परम् अनूपा राधा ! राधा !!
25. परम् हितकारी राधा ! राधा !!
26. कृष्ण सुखकारी राधा ! राधा !!
27. निकुंज स्वामिनी राधा ! राधा !!
28. नवल भामिनी राधा ! राधा !!
29. रास रासेश्वरी राधा ! राधा !!
30. स्वयं परमेश्वरी राधा ! राधा !!
31. सकल गुणीता राधा ! राधा !!
32. रसिकिनी पुनीता राधा ! राधा !!

कहते हैं कि जो भी श्रद्धापूर्वक राधा जी के नाम का आश्रय लेता है वह प्रभु की गोद मै बैठ कर उनका स्नेह पाता है. ब्रह्मवैवर्त पुराण में स्वयं श्री हरि विष्णु जी ने कहा है कि जो व्यक्ति अनजाने मैं भी राधा कहता है उसके आगे मैं सुदर्शन चक्र लेकर चलता हूं. उसके पीछे स्वयं शिव जी उनका त्रिशूल लेकर चलते हैं. उसके दाईं ओर इंद्र वज्र लेकर चलते हैं और बाईं तरफ वरुण देव छत्र लेकर चलते हैं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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