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Navratri 2020: आज इस विधि से करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें मां की महिमा

News18Hindi
Updated: March 27, 2020, 6:26 AM IST
Navratri 2020: आज इस विधि से करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें मां की महिमा
मां चंद्रघंटा की पूजा

नवरात्रि २०२० , नवरात्रि तीसरा दिन ( Navratri 2020): मां चंद्रघंटा भक्तों के सभी संकट हर लेती हैं और उन्हें प्रेतबाधा से भी मुक्ति दिलाती हैं.

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  • Last Updated: March 27, 2020, 6:26 AM IST
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नवरात्रि २०२० , नवरात्रि तीसरा दिन, Navratri 2020 : आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है. आज भक्त मां शक्ति के तीसरे रूप मां चंद्रघंटा की पूजा अर्चना कर रहे हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां का यह स्वरूप आभामंडल से युक्त है जोकि भक्तों को ऊर्जा प्रदान करता है.मां की 10 भुजाएं हैं और उन्होंने लाल रंग की साड़ी धारण की हुई है. माना जाता कि मां भक्तों के सभी संकट हर लेती हैं और उन्हें प्रेतबाधा से भी मुक्ति दिलाती हैं. मां चंद्रघंटा के विधिवत पूजन की विधि जानें...

पूजा विधि:
मां चंद्रघंटा की पूजा करने के लिए सर्वप्रथम चौकी को साफ करें. इसके बाद इसपर साफ पीले रंग का कपड़ा बिछाएं और इसपर मां चंद्रघंटा की मूर्ति स्थापित करें. गंगाजल को कटोरी में निकाल लें अब इसे हाथ में लेकर इससे पूजाघर और घर के कोने कोने का पवित्रीकरण करें. मंत्रोच्चार करते हुए व्रत का संकल्प पढ़ें एवं सभी देवी देवताओं को नमस्कार करते हुए षोडशोपचार पूजन करें.
मां चंद्रघंटा की पूजा करते वक्त पढ़ें ये मंत्र:



पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता.
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥
दूध, घी, दही और शहद से स्नान करवाएं:
मां चंद्रघंटा की पूजा करने के बाद दूध, घी, दही और शहद से बने पंचामृत से मां की प्रतिमा को स्नान करवाएं. मां चंद्रघंटा के मंत्र का पाठ करें. इसके बाद मां के पैरों में रोली, अक्षत, पुष्प, हल्दी, चन्दन, वस्त्र और मिष्ठान चढ़ाएं मां से प्रार्थना करें कि वो इस भोग को ग्रहण करें. इसके बाद सबको प्रसाद बांटकर थोड़ा सा प्रसाद खुद के लिए भी रख लें.

मां चंद्रघंटा आरती:

चंद्र समान तू शीतल दाती
पूर्ण कीजो मेरे काम
चंद्र तेज किरणों में समाती
क्रोध को शांत बनाने वाली
मीठे बोल सिखाने वाली
मन की मालक मन भाती हो
चंद्र घंटा तुम वरदाती हो
सुंदर भाव को लाने वाली
हर संकट मे बचाने वाली
हर बुधवार जो तुझे ध्याये
श्रद्धा सहित जो विनय सुनाय
जय मां चंद्रघंटा सुख धाम.

मूर्ति चंद्र आकार बनाएं
सन्मुख घी की ज्योत जलाएं
शीश झुका कहे मन की बाता
पूर्ण आस करो जगदाता
कांची पुर स्थान तुम्हारा
करनाटिका में मान तुम्हारा
नाम तेरा रटू महारानी
'भक्त' की रक्षा करो भवानी

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: March 27, 2020, 6:24 AM IST
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