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    तिरुपति बालाजी मंदिरः अब होंगे आसानी से दर्शन, कम समय में बस करना होगा ये एक काम

    आमतौर पर ये माना जाता है कि तिरुपति बालाजी मंदिर में लोगों को दर्शन करने में 24 से 36 घंटे का समय लग सकता है.
    आमतौर पर ये माना जाता है कि तिरुपति बालाजी मंदिर में लोगों को दर्शन करने में 24 से 36 घंटे का समय लग सकता है.

    तिरुपति भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है. यह आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है. प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में दर्शनार्थी यहां आते हैं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 28, 2019, 8:23 PM IST
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    तिरुपति वेंकेटेश्वर मंदिर तिरुपति में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू एवं जैन मंदिर है. तिरुपति भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है. यह आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है. प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में दर्शनार्थी यहां आते हैं. तिरुमला की पहाड़ियों पर बना यह मंदिर इस इलाके का सबसे बड़ा आकर्षण है. कई शताब्दी पूर्व बना यह मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला और शिल्पकला का अदभूत उदाहरण है.

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    बालाजी भगवान विष्णु के अवतार
    प्रभु वेंकटेश्वर या बालाजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि प्रभु विष्णु ने कुछ समय के लिए स्वामी पुष्करणी नामक तालाब के किनारे निवास किया था. यह तालाब तिरुमाला के पास स्थित है. तिरुमाला- तिरुपति के चारों ओर स्थित पहाड़ियां, शेषनाग के सात फनों के आधार पर बनीं 'सप्तगिरि' कहलाती है. श्री वेंकटेश्वरैया का यह मंदिर सप्तगिरि की सातवीं पहाड़ी पर स्थित है, जो वेंकटाद्री नाम से प्रसिद्ध है.
    जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है


    वहीं एक दूसरी अनुश्रुति के अनुसार, 11वीं शताब्दी में संत रामानुज ने तिरुपति की इस सातवीं पहाड़ी पर चढ़ाई की थी. प्रभु श्रीनिवास (वेंकटेश्वर का दूसरा नाम) उनके समक्ष प्रकट हुए और उन्हें आशीर्वाद दिया. ऐसा माना जाता है कि प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करने के पश्चात वह 120 वर्ष की आयु तक जीवित रहे और जगह-जगह घूमकर वेंकटेश्वर भगवान की ख्याति फैलाई. वैकुंठ एकादशी के अवसर पर लोग यहां पर प्रभु के दर्शन के लिए आते हैं. यहां पर आने के पश्चात उनके सभी पाप धुल जाते हैं. मान्यता है कि यहां आने के पश्चात व्यक्ति को जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है.

    50 हजार से एक लाख लोग रोज दर्शन करने आते हैं
    आमतौर पर ये माना जाता है कि तिरुपति बालाजी मंदिर में लोगों को दर्शन करने में 24 से 36 घंटे का समय लग सकता है क्योंकि इस मंदिर में औरसतन 50 हजार से एक लाख लोग रोज दर्शन करने आते हैं. आइए हम आपको बताते हैं उन आसान तरीकों के बारे में जिससे आप इस मंदिर में बड़ी ही आसानी से भगवान के दर्शन कर सकते हैं और इसमें आपको ज्यादा समय भी नहीं गंवाना पड़ेगा.

    1. ऑनलाइन बुकिंग (Online booking)
    आप तिरुपति देवस्थान के वेबसाइट https://ttdsevaonline.com/ पर जाकर स्पेशल दर्शन या सेवा के लिए पहले से ही अपनी बुकिंग करा सकते हैं, जिससे आपकी यात्रा आसान हो जाएगी. यहां आप तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट के गेस्ट हाउस में अपने ठहरने की बुकिंग भी करा सकते हैं.

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    2. सिफारिशी पत्र (VIP recommendation letter)
    जिन यात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग नहीं मिलती है वो अपने जनप्रतिनिधि जिसमें सांसद, मंत्री और विधायक शामिल हैं, के सिफारिशी पत्र पर भी प्राथमकिता के आधार पर दर्शन की पर्ची पा सकते हैं. इसके लिए उन्हें अपना पत्र को अध्यक्ष तिरुमला तिरुपति देवस्थान या मुख्य कार्यकारी अधिकारी तिरुमला तिरुपति देवस्थानम व संयुक्त कार्याधिकारी तिरुमला तिरूपति देवस्थानम के नाम से दर्शन के एक दिन पहले शाम 5 बजे तक जमा कराना होगा. उपलब्धता के आधार पर आपको टिकट आंवटित किया जाएगा, जिसका कोड आपके मोबाइल पर भेज दिया जाएगा. उसके बाद आप अपना पहचान पत्र और कोड दिखाकर काउंटर से टिकट ले सकते हैं. किस सेवा का कितना रेट है ये डिटेल आप बेबसाइट पर जान सकते हैं.

     
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