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धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए आज करें श्री लक्ष्मी स्त्रोत का पाठ

इन्द्र ने महालक्ष्मी कृपा प्रार्थना स्तोत्र की रचना की थी.

Goddess Lakshmi Worship On Friday- देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से मनचाहा फल मिलता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवराज इन्द्र ने महालक्ष्मी कृपा प्रार्थना स्तोत्र की रचना की थी.

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    शुक्रवार (Friday) का दिन देवी लक्ष्मी का दिन माना जाता है. मान्यता है कि शुक्रवार के दिन विधि-विधान से मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) की पूजा करने से वह प्रसन्न (Happy) होती हैं और अपने भक्तों पर धन (Wealth) की वर्षा करती हैं. अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा जरूर करें. इस दिन लक्ष्मी देवी की विशेष पूजा और व्रत रखने का विधान है. देवी लक्ष्मी धन, सम्पदा और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं. मान्यता है कि शुक्रवार के दिन देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा करने से मनचाहा फल मिलता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवराज इन्द्र ने महालक्ष्मी कृपा प्रार्थना स्तोत्र की रचना की थी. इस स्त्रोत का पाठ करने से धन- वैभव, सौभाग्य, आरोग्य, ऐश्वर्य, शील, विद्या, विनय, ओज की प्राप्ति होती है. इसीलिए आज हम आपके लिए लेकर आए हैं महालक्ष्मी कृपा प्रार्थना स्तोत्र....
    श्री लक्ष्मी स्त्रोत:

    नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते ।
    शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ 1॥

    नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयङ्करि ।
    सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ 2॥

    सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्टभयङ्करि ।
    सर्वदुःखहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ 3॥

    सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि ।
    मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ 4॥

    आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि ।
    योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ 5॥

    स्थूलसूक्ष्ममहारौद्रे महाशक्तिमहोदरे ।
    महापापहरे देवि महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ 6॥

    पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणि ।
    परमेशि जगन्मातर्महालक्ष्मि नमोऽस्तुते ॥ 7॥ (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
    Published by:Bhagya Shri Singh
    First published: