Balaram Jayanti 2020: आज है बलराम जयंती, जानें कैसे करें भगवान श्रीकृष्ण के दाऊ की पूजा

Balaram Jayanti 2020: आज है बलराम जयंती, जानें कैसे करें भगवान श्रीकृष्ण के दाऊ की पूजा
बलराम जयंती के दिन सौभाग्यवती स्त्रियां बलशाली पुत्र की कामना से व्रत रखती हैं. साथ ही भगवान बलराम से यह प्रार्थना की जाती है कि वह उन्हें अपने जैसा तेजस्वी पुत्र प्रदान करें.

बलराम जयंती (Balaram Jayanti) को हल छठ (Hala Chhat) भी कहा जाता है. यहां हल का मतलब बलराम और छठ का मतलब षष्ठी तिथि से है क्योंकि बलराम जी भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) से बड़े हैं. यही कारण है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) से दो दिन पहले बलराम जयंती का उत्सव मनाया जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 9, 2020, 6:44 AM IST
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आज बलराम जयंती (Balaram Jayanti) मनाई जा रही है. हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन बलराम जयंती मनाई जाती है. बलराम जयंती को हल छठ (Hala Chhat) भी कहा जाता है. यहां हल का मतलब बलराम और छठ का मतलब षष्ठी तिथि से है क्योंकि बलराम जी भगवान श्रीकृष्ण (Lord Shri Krishna) से बड़े हैं. यही कारण है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) से दो दिन पहले बलराम जयंती का उत्सव मनाया जाता है. मान्यताओं के अनुसार बलराम जी को भगवान विष्णु के शेषनाग का अवतार माना जाता है. मान्यता है कि त्रेता युग में भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण शेषनाग का अवतार थे.

इसी प्रकार द्वापर में जब भगवान विष्णु धरती पर श्रीकृष्ण अवतार में आए तो शेषनाग यहां उनके बड़े भाई के रूप में अवतरित हुए. शेषनाग कभी भी भगवान विष्णु के बिना नहीं रहते हैं. इसलिए वह प्रभु के हर अवतार के साथ स्वयं भी आते हैं. बलराम जयंती के दिन सौभाग्यवती स्त्रियां बलशाली पुत्र की कामना से व्रत रखती हैं. साथ ही भगवान बलराम से यह प्रार्थना की जाती है कि वह उन्हें अपने जैसा तेजस्वी पुत्र प्रदान करें.

बलराम जयंती पूजा विधि
-हल छठ के दिन व्रती को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए.
-स्वच्छ वस्त्र पहन कर, पूजन स्थल की सफाई करें.


-पूजन स्थल पर गंगाजल के छींटे मारकर उसे पवित्र करें.
-फिर भगवान श्रीकृष्ण के साथ बलराम जी की प्रतिमा की तस्वीर स्थापित करें. प्रतिमा को फूलों का हार पहनाएं. साथ ही दीप जलाएं.
-भगवान बलराम का शस्त्र उनका हल है. इसलिए पूजा में एक छोटा हल जरूर बलराम जी के पास रखें.
-बलराम जी को नीले रंग के और भगवान श्रीकृष्ण को पीले वस्त्र अर्पित करें.
-कृष्ण-बलराम स्तुति का पाठ करें. भगवान बलराम से सच्चे मन से प्रार्थना करें कि वह आपको बलशाली संतान प्रदान करें.
-फिर आरती कर पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं. साथ ही मिश्री और मक्खन का भोग भी रखें.
-ध्यान रखें कि इस दिन व्रती हल से जुते हुए अनाज और सब्जियों को न खाएं. साथ ही गाय के दूध का सेवन भी न करें. इस दिन तिन्नी का चावल खाकर व्रत रखें.
-पूजा हो जाने के बाद गरीब बच्चों में पीली मिठाई बांटे. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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