Pradosh Vrat 2020: आज है प्रदोष व्रत, जानें महत्व और पूजा विधि

प्रदोष व्रत में भगवान शिव संग शक्ति यानी माता पार्वती की पूजा की जाती है.
प्रदोष व्रत में भगवान शिव संग शक्ति यानी माता पार्वती की पूजा की जाती है.

पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) करने वाले साधक पर सदैव भगवान शिव (Lord Shiva) की कृपा बनी रहती है और उसकी दुख दारिद्रता दूर होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 7:35 AM IST
  • Share this:
हिंदू धर्म में प्रदोष (Pradosh) और एकादशी (Ekadashi) व्रत का विशेष महत्व होता है. हर महीने में दो प्रदोष व्रत और दो एकादशियां जरूर आती हैं. प्रदोष व्रत भगवान शिव (Lord Shiva) को समर्पित होने वाला व्रत है. 28 अक्टूबर (बुधवार) यानी आज, शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत है. बुधवार (Wednesday) के दिन पड़ने के कारण यह बुध प्रदोष व्रत है. आइए जानते हैं प्रदोष व्रत का महत्व और पूजा विधि. प्रदोष व्रत भगवान शिव के साथ चंद्रदेव से भी जुड़ा है. मान्यता है कि प्रदोष का व्रत सबसे पहले चंद्रदेव ने ही किया था. माना जाता है श्राप के कारण चंद्र देव को क्षय रोग हो गया था. तब उन्होंने हर माह में आने वाली त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत रखना आरंभ किया था जिसके शुभ प्रभाव से चंद्रदेव को क्षय रोग से मुक्ति मिली थी.

पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत करने वाले साधक पर सदैव भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और उसकी दुख दारिद्रता दूर होती है और कर्ज से मुक्ति मिलती है. प्रदोष व्रत में शिव संग शक्ति यानी माता पार्वती की पूजा की जाती है, जो साधक के जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करते हुए उसका कल्याण करती हैं.

इसे भी पढ़ेंः सोमवार को भगवान शिव की पूजा में भूलकर भी न इस्तेमाल करें ये चीजें, नहीं तो...



प्रदोष व्रत पूजा विधि
प्रदोष व्रत करने के लिए जल्दी सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करें और भगवान शिव को जल चढ़ाकर भगवान शिव का मंत्र जपें. इसके बाद पूरे दिन निराहार रहते हुए प्रदोषकाल में भगवान शिव को शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाएं.

अलग-अलग कामनाओं के साथ प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत अलग-अलग कामनाओं की पूर्ति के साथ किया जाता है. अगर किसी को सुख सौभाग्य और धन लाभ चाहिए तो हर माह की त्रयोदशी तिथि पर शुक्रवार के दिन व्रत रखना शुभ होता है. लंबी आयु की कामना के लिए रविवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत रखना चाहिए. वहीं अगर आपके मन में संतान प्राप्ति की इच्छा है तो शनिवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष के दिन उपवास रखना शुभ फलदायक रहता है. कर्जों से मुक्ति के लिए सोमवार प्रदोष व्रत रखना श्रेष्ठ होता है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज