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आज हनुमान जी की पूजा का बन रहा है अत्यंत शुभ योग, इन नियमों का रखें ध्यान

आज हनुमान जी की पूजा का बन रहा है अत्यंत शुभ योग, इन नियमों का रखें ध्यान

मंगलवार के दिन स्नान करके पूरी श्रद्धा और मनोयोग से श्रीहनुमानाष्टक का पाठ करें. Image-shutterstock.com

मंगलवार के दिन स्नान करके पूरी श्रद्धा और मनोयोग से श्रीहनुमानाष्टक का पाठ करें. Image-shutterstock.com

Lord Hanuman Puja In Subh Yog: पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा माना गया है. ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ नक्षत्र माना जाता है. इस नक्षत्र को नए कार्यों को आरंभ करने के साथ साथ पूजा पाठ के लिए भी उत्तम माना जाता है. आज पूरे दिन पुष्य नक्षत्र रहेगा. पंचांग के अनुसार दोपहर 4 बजकर 6 मिनट तक विश्कुंभ योग रहेगा. इसके बाद प्रीति योग आरंभ होगा. दोनों ही योगों में हनुमान जी की पूजा की जा सकती है.

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Lord Hanuman Puja In Subh Yog: आज मंगलवार का दिन पवनपुत्र हनुमान जी (Lord Hanuman) की पूजा के लिए समर्पित है. आज के दिन चमत्कारी बजरंग बाण का पाठ (Bajrang Baan Paath) करना बहुत लाभकारी होता है. आज के दिन प्रात: स्नान के बाद सूर्य को जल अर्पित करें और हनुमान जी की पूजा करें. हनुमान जी को लाल पुष्प, चंदन, अक्षत्, धूप, गंध, मिठाई, फल आदि अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें. मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है. पंचांग के अनुसार आज मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ है. आज से माघ महीने की शुरुआत हो रही है. हिंदू धर्म में माघ मास का विशेष महत्व बताया गया है. माघ मास में की जाने वाली पूजा और दान का विशेष पुण्य प्राप्त होता है. माघ मास का आरंभ आज से हो रहा है.

हिंदू पंचांग के अनुसार आज, 18 जनवरी को माघ मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है. इस दिन पुष्य नक्षत्र रहेगा. वहीं आज मंगलवार को विश्कुंभ योग निर्माण हो रहा है. इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा. आज दोपहर 3 बजकर 10 मिनट से लेकर दोपहर 4 बजकर 29 मिनट तक राहुकाल रहेगा. राहुकाल में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं.

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पुष्य नक्षत्र में हनुमान जी की पूजा का महत्व
पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों का राजा माना गया है. ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ नक्षत्र माना जाता है. इस नक्षत्र को नए कार्यों को आरंभ करने के साथ साथ पूजा पाठ के लिए भी उत्तम माना जाता है. आज पूरे दिन पुष्य नक्षत्र रहेगा. पंचांग के अनुसार दोपहर 4 बजकर 6 मिनट तक विश्कुंभ योग रहेगा. इसके बाद प्रीति योग आरंभ होगा. दोनों ही योगों में हनुमान जी की पूजा की जा सकती है. इस दिन हनुमाान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना अति उत्तम फल प्रदान करने वाला माना गया है. हनुमान जी की पूजा से शनि का दोष भी दूर होता है. जिन लोगों पर शनि की महादशा, अंर्तदशा, शनि की साढ़े साती और ढैय्या चल रही है, उन्हें भी हनुमान जी की पूजा से लाभ प्राप्त होता है. मान्यता है कि हनुमान भक्तों को शनि देव परेशान नहीं करते हैं.

हनुमान जी की पूजा करते समय इन नियमों का रखें ध्यान
-हनुमान जी की पूजा सुबह जल्दी उठकर करनी चाहिए या फिर शाम के समय उनकी पूजा करें.
-हनुमान जी की पूजा में लाल रंग के फूलों का इस्तेमाल जरूर करें. बजरंगबली को लाल रंग अति प्रिय है. ऐसे में उन्हें लाल रंग के फूल चढ़ाएं.
-हनुमान जी के सामने जो दीप जलाया जाता है उसमें लाल सूत की बाती डालनी चाहिए.
-हनुमान जी की साधना में शुद्धता और सात्विकता को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. इसलिए हर चीज को बहुत ही ध्यान से शुद्धता का ध्यान रखते हुए अर्पित करें.

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-हनुमान जी की पूजा में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. हर चीज को हाथ धोने के बाद ही छूना चाहिए और पूजन से पहले घर, पूजा स्थल और खुद की अच्छे से साफ-सफाई कर लेनी चाहिए.
-हनुमान जी की साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना बहुत जरूरी माना गया है.
-महिलाओं को खुद से हनुमान जी को चोला अर्पित नहीं करना चाहिए. किसी पुरुष या पुजारी से यह कार्य करवाया जा सकता है.
-मंगलवार के दिन भूलकर भी मांस, मदिरा या किसी भी तरह के तामसिक गुणों वाली चीजों का प्रयोग नहीं करना चाहिए.
-हनुमान जी की पूजा करते समय उनको चरणामृत से स्नान नहीं करवाना चाहिए, क्योंकि उनकी पूजा में चरणामृत चढ़ाने का विधान नहीं है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

Tags: Lord Hanuman, Religion

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