Ugadi 2020: दक्षिण भारत में धूमधाम से मनाया जा रहा है उगादी, जानें कहानी

Ugadi 2020: दक्षिण भारत में धूमधाम से मनाया जा रहा है उगादी, जानें कहानी
दक्षिण भारत में धूमधाम से मनाया जा रहा है उगादी

उगादी (Ugadi 2020): पौराणिक शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटकर आए थे और उनका राज्याभिषेक हुआ था. मान्यता यह भी है कि दिन से सतयुग का प्रारंभ हुआ था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2020, 8:50 AM IST
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उगादी (Ugadi 2020): आज दक्षिण भारत में धूमधाम से उगादी का त्योहार मनाया जा रहा है. दरअसल, दक्षिण भारतीय राज्यों में उगादी को नए साल के रूप में मनाया जाता है. चैत्र माह की शुरुआत के साथ ही इस त्योहार को लोग पूरे हर्ष के साथ मनाते हैं. इस दिन किसान नई फसल के आने को लेकर भी खुशियां मनाते हैं. पौराणिक शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटकर आए थे और उनका राज्याभिषेक हुआ था. मान्यता यह भी है कि दिन से सतयुग का प्रारंभ हुआ था.

उगादी की कहानी:
ब्रह्म पुराण में उल्लेख है कि सृष्टि के रचीयता ब्रह्मा जी ने इसी दिन पूरे संसार की रचना की थी. सृष्टि के निर्माण के साथ ही सूर्य की पहली किरण पृथ्वीलोक पर पहुंची थी. कई जगहों पर यह मान्यता भी प्रचलित है कि इसी दिन भगवान राम का राजगद्दी पर अभिषेक हुआ था. इतिहास में मशहूर राजा विक्रमादित्य ने इसी दिन शक राजा को युद्ध में बुरी तरह हराया और इस हार के जश्न को उन्होंने उगादी नाम से मनाया. महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा के नाम से जाना जाता है.

उगादी पर ऐसे करें पूजा:



उगादी के दिन प्रातः बिस्तर त्याग दें. इसे बाद नहा-धोकर साफ़ कपड़े पहन लें. इसके बाद घर के मुख्य द्वार के बाहर चावल के आटे से रंगोली बनाएं. इसके बाद पूजा घर में भी चावल के आटे से रंगोली बनाकर उसपर रोली से स्वास्तिक बनाएं. इसके ऊपर एक चौकी सजाकर उसपर सफेद कपड़ा बिछाएं. इसके आब इसपर हल्दी से रंगे हुए चावलों से अष्टदल बनाकर ब्रह्मा जी की मूर्ति स्थापित करें. इसके बाद धार्मिक कर्मकांड के अनुसार पूरे विधि-विधान से पूजा पाठ करें.



इसके बाद झाड़ू-पोछा कर घर को फूलों और पत्तों की मदद से सजाएं. दक्षिण भारत में उगादी मनाने वाले लोग इस दिन आम के पत्तों से बना बंदनवार घर के दरवाजों पार लगाते हैं. इस दिन इमली, नारियल, आम, नीम के फूल, गुड मिलाकर एक ख़ास किस्म का पेय बनाया जाता है जिसे पच्चड़ी कहा जाता है. घर आने वाले लोगों को भगवान के प्रसाद के रूप में पच्चड़ी पीने को दिया जाता है. इस दिन लोग अपने शरीर पर तेल और बेसन से बना हुआ उबटन भी मलते हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
First published: March 25, 2020, 7:22 AM IST
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