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Utpanna Ekadashi: कब है उत्पन्ना एकादशी, जानें सटीक मुहूर्त और पूजा विधि

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Updated: November 21, 2019, 12:21 PM IST
Utpanna Ekadashi: कब है उत्पन्ना एकादशी, जानें सटीक मुहूर्त और पूजा विधि
उत्पन्ना एकादशी की तारीख

Utpanna Ekadashi 2019: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान पूर्वक भगवान विष्णु की आराधना करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है.

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  • Last Updated: November 21, 2019, 12:21 PM IST
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Utpanna Ekadashi 2019: उत्पन्ना एकादशी 22 नवंबर शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान पूर्वक भगवान विष्णु की आराधना करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है. उत्पन्ना एकादशी एकादशी की तिथि माह में दो बार पड़ती है, पहली कृष्ण पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में. कुछ भक्तजन भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए इस दिन व्रत भी करते हैं. आइए जानते हैं उत्पन्ना एकादशी का मुहूर्त और पूजा विधि.

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उत्पन्ना एकादशी की तिथि और शुभ मुहूर्त:

एकादशी तिथि की शुरुआत- 22 नवंबर

एकादशी व्रत 22 नवंबर शुक्रवार को सुबह 9 बजकर 1 मिनट से एकादशी तिथि की शुरुआत हो जाएगी.

एकादशी व्रत के समापन का समय- अगले दिन यानी कि 23 नवंबर शनिवार को सुबह 6 बजकर 24 मिनट पर एकादशी तिथि का समापन हो जाएगा.

उत्पन्ना एकादशी की पूजा-विधि:
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1.उत्पन्ना एकादशी व्रत की तैयारी एक दिन पहले यानी कि दशमी के दिन से ही करनी शुरू कर दें. इसके लिए दशमी को रात में खाना खाने के बाद अच्छे से दातून से दांतों को साफ़ कर लें ताकि मुंह जूठा न रहे.

2.इसके बाद आहार ग्रहण न करें और खुद पर संयम रखें. साथी के साथ शारीरिक संबंध से परहेज करें.

3.उत्पन्ना एकादशी के दिन सुबह उठकर नित्यकर्म करने के बाद नए कपड़े पहनकर पूजाघर में जाएं और भगवान के सामने व्रत करने का संकल्प मन ही मन दोहराएं. इसके बाद भगवान विष्णु की आराधना करें और पंडित जी से व्रत की कथा सुनें. ऐसा करने से आपके समस्त रोग, दोष और पापों का नाश होगा. इस दिन मन की सात्विकता का ख़ास ख्याल रखें.

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मन में बुरे विचार न लाएं:
किसी के प्रति भी बुरा या कोई यौन संबंधी विचार मन में न लायें. शाम के समय भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर दीपदान करे. अब अगले दिन यानी कि द्वादशी को इस व्रत को खोल दें. इसके बाद किसी पंडित जी या ब्राह्मण को अपनी स्वेच्छानुसार दान-दक्षिणा दें. इस बात का ख़ास ख्याल रखें कि इस दिन केवल सुबह और शाम के समय ही आहार ग्रहण करना है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: November 21, 2019, 6:19 AM IST
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