Vaishakh Amavasya 2021: कल है वैशाख अमावस्या, पिंड दान कर पितरों को करें खुश

वैशाख अमावस्या तिथि पर की जाने वाली पूजा से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. Image-shutterstock.com

Vaishakh Amavasya 2021: इस वर्ष वैशाख अमावस्या के दिन दो विशेष योग बन रहे हैं. इस दिन सौभाग्य योग और शोभन योग बन रहा है.

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    हिंदू पंचांग के अनुसार 11 मई 2021 (मंगलवार) यानी कल वैशाख मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है. हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन स्नान, पूजा और दान करने से पुण्य प्राप्त होता है. वैशाख अमावस्या को सुतवाई अमावस्या और भौमावस्या के नामों से भी जाना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार के दिन सूर्य और चंद्रमा जब एक ही राशि में या फिर एक-दूसरे के करीब वाली राशि में हो तो इस अमावस्या की तिथि को भौमावस्या कहा जाता है. मंगलवार को चंद्रमा और सूर्य मेष राशि में विराजमान रहेंगे. वैशाख अमावस्या के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है.

    वैशाख अमावस्या पर तीन विशेष योग
    इस वर्ष वैशाख अमावस्या के दिन दो विशेष योग बन रहे हैं. इस दिन सौभाग्य योग और शोभन योग बन रहा है. 11 मई को सौभाग्य योग रात 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. उसके पश्चात शोभन योग लग जाएगा. इसके अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है. 11 मई को रात 11 बजकर 31 मिनट से अगले दिन 12 मई को सुबह 05 बजकर 32 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा. ये तीनों ही योग महत्वपूर्ण होते हैं. सौभाग्य योग भाग्य में वृद्धि का कारक होता है, शोभन योग शुभता प्रदान करता है.

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    स्नान और दान का महत्व
    वैशाख का महीना पूजा पाठ और दान-धर्म कार्यों के लिए बहुत ही विशेष बताया गया है. वैशाख मास की अमावस्या तिथि, पूर्णिमा तिथि और एकादशी की तिथि का विशेष महत्व होता है. वैशाख मास की अमावस्या की तिथि में पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना गया है. हालांकि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्नान के लिए पवित्र नदियों पर न जाएं. ऐसे में इस समय घर में ही इस दिन जल में गंगा जल की बूंदे मिलाकर स्नान कर सकते हैं. इसके साथ इस दिन किए गए दान का विशेष पुण्य प्राप्त होता है.

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    पितृ पूजा से मिलता है विशेष आशीर्वाद
    वैशाख अमावस्या तिथि पर की जाने वाली पूजा से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. मान्यता के अनुसार इस दिन चावल से बने पिंड का दान करने से पितृ खुश होते हैं. जिन लोगों की जन्म कुंडली में पितृ दोष की स्थिति बनी हुई है, वह लोग इस दिन पितरों को प्रसन्न रखने के लिए पूजा जरूर करें. ऐसा करने से जीवन में नौकरी, करियर, शिक्षा, धन, व्यापार और सेहत संबंधी दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलती है. मंगलवार के दिन अमावस्या की तिथि पड़ने के कारण इस दिन विधि पूर्वक पूजा करने से मंगल दोष के प्रभाव दूर होते हैं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)