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Basant Panchami: बसंत पंचमी पर पढ़ें मां सरस्वती की वंदना, सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि का जानें समय

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Updated: January 29, 2020, 1:59 AM IST
Basant Panchami: बसंत पंचमी पर पढ़ें मां सरस्वती की वंदना, सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि का जानें समय
बसंत पंचमी के शुभ योग और सरस्वती वंदना

इस बार बसंत पंचमी पर कुछ ख़ास योग भी बन रहे हैं. आइए जानें कि इस बार बनेंगे कैसे योग और सरस्वती वंदना के बारे में....

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  • Last Updated: January 29, 2020, 1:59 AM IST
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बसंत पंचमी आज यानी कि 29 जनवरी से लगकर 30 जनवरी तक रहेगी. जानकारों के अनुसार, कुछ लोग 29 को और कुछ 30 जनवरी को बसंत पंचमी मनाएंगे. ऐसा इसलिए है क्योंकि 29 जनवरी को सूर्योदय के बाद पंचमी तिथि लग रही है और हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार सूर्योदय के बाद के समय को शुभ नहीं माना जाता है और ऐसे समय में धार्मिक कामों से भी परहेज किया जाता है. इस लिहाज से सरस्वती पूजन के लिए 30 जनवरी ज्यादा शुभ है. इस दिन लोग पीले रंग के वस्त्र धारण करके मां सरस्वती की पूजा अर्चना करते हैं और उन्हें भी पीले रंग के फूल और सामान अर्पित करते हैं. इस बार बसंत पंचमी पर कुछ ख़ास योग भी बन रहे हैं. आइए जानें कि इस बार बनेंगे कैसे योग और सरस्वती वंदना के बारे में....

सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग बनेंगे:
बसंत पंचमी के दिन इस बार सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं. ज्योतिष में इन योग को शुभ कामों के लिए काफी अच्छा माना गया है. अगर आप किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं या कोई नई योजना बना रहे हैं तो उसपर आज से ही लग जाएंगे. सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए काम उत्तम फल देने वाले होते हैं.

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पूर्ण रूप से उदय होंगे शनि:
शनि गोचर लगने के बाद से ही अस्त चल रहे थे लेकिन 30 जनवरी यानी कि बसंत पंचमी के दिन से ही शनि का पूर्ण रूप से उदय होगा जिसका हर राशि के जातक पर काफी प्रभाव पड़ेगा. ऐसे में शनि के उदय से प्रकृति में नए जीवन का संचार होगा और लोग भी इस ऊर्जा से लाभ उठाएंगे.

बसंत पंचमी पर पढ़ें ये सरस्वती वंदना:या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा माम् पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥1॥
शुक्लाम् ब्रह्मविचार सार परमाम् आद्यां जगद्व्यापिनीम्।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌॥
हस्ते स्फटिकमालिकाम् विदधतीम् पद्मासने संस्थिताम्‌।
वन्दे ताम् परमेश्वरीम् भगवतीम् बुद्धिप्रदाम् शारदाम्‌॥2॥

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: January 29, 2020, 1:59 AM IST
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