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Vastu Tips: जानें घर में किस शंख को रखने से होता है लाभ, कैसे होंगी इच्छाएं पूरी

हिंदू धर्म में 10 तरह के अलग-अलग शंखों को महत्‍व दिया गया है. अगर आप इन्‍हें घर पर रखते हैं तो यह आपको लाभ पहुंचा सकते हैं.
हिंदू धर्म में 10 तरह के अलग-अलग शंखों को महत्‍व दिया गया है. अगर आप इन्‍हें घर पर रखते हैं तो यह आपको लाभ पहुंचा सकते हैं.

विष्‍णु पुराण में इस बात का जिक्र मिलता है कि शंख (Conch Shell) में देवी लक्ष्‍मी (Maa Lakshmi) का वास होता है, इसलिए जगतपिता नारायण इसे धारण करते हैं. ऐसे में शंख को घर पर रखना ज्‍योतिष शास्‍त्र और वास्‍तु शास्‍त्र के आधार पर बेहद शुभ माना गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 3:58 PM IST
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हिंदू धर्म में कई वाद्य यंत्रों को देवी-देवताओं से जोड़ कर देखा जाता है. मान्‍यता है कि इन वाद्य यंत्रों में देवी-देवताओं का वास होता है. धार्मिक ग्रंथों में कुछ वाद्य यंत्रों को घरों में रखने की बात भी कही गई है. इनमें से एक है शंख (Conch Shell). शंख से जुड़े कई धार्मिक महत्‍व हैं. इसे घर में रखना शुभ माना जाता है. इतना ही नहीं, शंख को घर में रखने के साथ-साथ इसे बजाया भी जाता है और इसकी पूजा भी की जाती है. विष्‍णु पुराण में इस बात का जिक्र मिलता है कि शंख में देवी लक्ष्‍मी (Maa Lakshmi) का वास होता है, इसलिए जगतपिता नारायण इसे धारण करते हैं. ऐसे में शंख को घर पर रखना ज्‍योतिष शास्‍त्र और वास्‍तु शास्‍त्र के आधार पर बेहद शुभ माना गया है. हालांकि शंख के कई प्रकार और आकार होते हैं. इन सभी को धर्म से जोड़ कर नहीं देखा जा सकता है. हिंदू धर्म में 10 तरह के अलग-अलग शंखों को महत्‍व दिया गया है. अगर आप इन्‍हें घर पर रखते हैं तो यह आपको लाभ पहुंचा सकते हैं. बाजार में आप इन्‍हें किसी अच्‍छी धार्मिक सामग्री रखने वाली दुकान से खरीद सकते हैं. आइए आपको बताते हैं इन शंखों के बारे में.

कामधेनु शंख
यह शंख आसानी से प्राप्‍त नहीं होता है. इसका आकार गाय के मुख जैसा होता है इसलिए इसे कामधेनु शंख कहा जाता है. वास्तु अनुसार यदि आप इस शंख को घर में रखते हैं और इसकी पूजा करते हैं तो इससे लक्ष्‍मी प्राप्ति के साथ-साथ आपके सोचन-समझने की शक्ति भी बढ़ती है. ऐसी मान्‍यता है कि इस शंख की पूजा करने पर आप जैसी कल्‍पना करते हैं वैसा ही कार्य भी कर पाते हैं.

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गणेश शंख


अगर आप भगवान गणेश के भक्‍त हैं तो आपको पता होगा कि भगवान गणेश की पूजा में लड्डू, दुर्वा, लाल रंग का फूल, जनेउ, नारियल, पान और सिंदूर की उपस्थिती अनिवार्य होती है. इन सभी के साथ अगर आप गणेश शंख भी भगवान गणेश की पूजा में शामिल कर लें तो आपको श्री गणेश के आशीर्वाद के साथ-साथ धन की प्राप्ति भी होगी. मान्यता है कि इस शंख को घर में रखने से आपके किसी भी कार्य में आ रहे विघ्‍न या बाधाएं दूर हो जाती हैं. यदि आप पर कर्ज चढ़ा है तो उसे उतारना भी आपके लिए आसान हो जाता है. आपको बता दें कि यह शंख आपको आसानी से मिल सकता है और इसका आकार गणेश भगवान के मुंह की तरह होता है.

अन्नपूर्णा शंख
यह शंख रसोईघर से जुड़ा हुआ होता है. आपको बता दें कि किसी भी घर की सुख-शांति घर की रसोई से जुड़ी होती है. अच्‍छा भोजन परिवार को सेहतमंद बनाता है और परिवार को एक साथ जोड़ कर भी रखता है. इसलिए अन्नपूर्णा शंख को घर की रसोई में रखें. ऐसी मान्‍यता है कि इस शंख में दूध भर कर घर में छिड़कने से वास्‍तुदोष दूर हो जाता है.

मोती शंख
मोती शंख यदि आप घर में रखते हैं और इसकी प्रतिदिन पूजा करते हैं, तो इससे आपकी सेहत को बहुत लाभ मिलता है. कहते हैं कि यह शंख मन को शांत रखता है, साथ ही हृदय रोग नाशक भी होता है. मोती शंख की स्थापना पूजा घर में सफेद कपड़े पर करनी चहिए.

विष्णु शंख
जगतपिता नारायण द्वारा धारण किए गए शंख को विष्‍णु शंख कहा गया है. इसकी स्‍थापना कार्यस्‍थल पर करनी चाहिए, यह शंख प्रगति देता है और कार्यशील बनाए रखने में मदद करता है.

ऐरावत शंख
ऐरावत शंख वास्‍तु और सेहत दोनों के नजरिए से बेहद फायदेमंद होता है. इसे घर के मुख्‍य द्वार पर रखने से किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती है. यदि आप इस शंख में पानी भर कर पीते हैं तो इससे आपके चेहरे पर चमक आ जाती है.

पौण्ड्र शंख
पौण्ड्र शंख विद्यार्थियों के लिए बहुत ही शुभ होता है. इस शंख को अपनी स्‍टडी टेबल पर रख सकते हैं. इसकी ऊर्जा से आपका मन अध्‍ययन में लगेगा और आप में आत्‍मविश्‍वास भी बढ़ेगा.

मणि पुष्पक शंख
मणि पुष्पक शंख को भी कार्यस्‍थल पर रख सकते हैं. यदि आप इस शंख की नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते हैं तो आपको इससे यश और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है. साथ ही कार्यस्‍थल पर आपको उच्च पद की प्राप्ति भी हो सकती है.

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देवदत्त शंख
ऐसा कई बार होता है कि आप सही दिशा में हर कार्य कर रहे होते हैं, मगर दुर्भाग्‍य से आपका हर कार्य गलत होता जाता है. ऐसे में आपको नियमित रूप से देवदत्‍त शंख की पूजा करनी चाहिए. यह दुर्भाग्य नाशक शंख होता है. कहते हैं कि इस शंख की पूजा करने से हर क्षेत्र में विजय मिलती है. महाभारत ग्रंथ में इस बात का उल्‍लेख मिलता है कि अर्जुन ने युद्ध से पहले देवदत्‍त शंख बजाया था और बाद में विजय भी पांडवों की हुई थी. इस शंख को शक्ति का प्रतीक भी माना गया है.

दक्षिणावर्ती शंख
इस शंख को दक्षिणावर्ती इसलिए कहा जाता है क्योंकि जहां सभी शंखों का पेट बाईं ओर खुलता है वहीं इसका पेट दाईं ओर खुलता है. यह शंख दिव्‍य माना गया है. लक्ष्मी प्राप्ति के साथ-साथ सम्पत्ति को बढ़ाने के लिए दक्षिणावर्ती शंख की पूजा करना शुभ होता है. कहबते हैं कि यह शंख रोग नाशक भी होता है और घर में इसकी उपस्थिती मात्र से सभी सेहतमंद बने रहते हैं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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