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Vinayak Chaturthi 2021 Date: विनायक चतुर्थी पर करें गणेश भगवान को प्रसन्न, जानें शुभ-मुहूर्त एवं पूजा विधि


विनायक चतुर्थी पर गणेश भगवान की पूजा की जाती है.
विनायक चतुर्थी पर गणेश भगवान की पूजा की जाती है.

Vinayak Chaturthi 2021 Date: कोई भी शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश (Lord Ganesha) की पूजा की जानी जरूरी है. भगवान गणेश सभी लोगों के दुखों को हरते हैं. भगवान गणेश खुद रिद्धि-सिद्धि के दाता और शुभ-लाभ के प्रदाता हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 16, 2021, 11:37 AM IST
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Vinayak Chaturthi 2021 Date: आज 16 जनवरी, शनिवार को साल 2021 की पहली विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi 2021) मनाई जा रही है. हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने में दो चतुर्थी तिथि होती हैं. इस तिथि को भगवान गणेश की तिथि माना जाता है. इसमें अमावस्या के बाद आने वाली शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि विनायक चतुर्थी और पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्णपक्ष की तिथि संकष्टी चतुर्थी कहलाती है. गणेश जी का नाम विनायक होने के कारण इसे विनायक चतुर्थी व्रत भी कहा जाता है. वहीं कई भक्त विनायक चतुर्थी व्रत को वरद विनायक चतुर्थी के रूप में भी मनाते हैं.

हिंदू मान्यताओं के अनुसार कोई भी शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश (Lord Ganesha) की पूजा की जानी जरूरी है. भगवान गणेश सभी लोगों के दुखों को हरते हैं. भगवान गणेश खुद रिद्धि-सिद्धि के दाता और शुभ-लाभ के प्रदाता हैं. वह भक्‍तों की बाधा, सकंट, रोग-दोष तथा दरिद्रता को दूर करते हैं. आइए जानते हैं व्रत का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि...

विनायक चतुर्थी का मुहूर्त
चतुर्थी तिथि का प्रारम्भ - 16 जनवरी, 2021 को सुबह 07:45 बजे.
चतुर्थी तिथि समाप्त -17 जनवरी , 2021 को सुबह 08:08 बजे.


पूजा मुहूर्त - 16 जनवरी को सुबह 11 बजकर 28 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 34 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त है.

विनायक चतुर्थी पूजा विधि:
-ब्रह्म मूहर्त में उठकर नित्य कर्म से निवृत्त होकर स्नान करें.
-इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करें.
-दोपहर में पूजन के समय अपने सामर्थ्य के अनुसार सोने, चांदी, पीतल, तांबा व मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित करें.
-संकल्प के बाद षोडशोपचार पूजन कर श्री गणेश की आरती करें.
-इसके बरद श्री गणेश की मूर्ति पर सिन्दूर चढ़ाएं.
-‘ॐ गं गणपतयै नम:’ का जाप करें.
-प्रतिमा पर 21 दूर्वा दल चढ़ाएं. दूर्वा एक प्रकार की घास का नाम है, जो श्रीगणेश को अति प्रिय है.
-श्री गणेश को बूंदी के 21 लड्डुओं का भोग लगाएं.
-पूजन के समय श्री गणेश स्तोत्र, अथर्वशीर्ष, संकटनाशक गणेश स्त्रोत का पाठ करें.
-ब्राह्मण को भोजन करवाकर दक्षिणा दें.
-शाम के समय गणेश चतुर्थी कथा, श्रद्धानुसार गणेश स्तुति, श्री गणेश सहस्रनामावली, गणेश चालीसा, गणेश पुराण आदि का स्तवन करें.
-संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करके श्री गणेश की आरती करें.
-शाम के समय भोजन ग्रहण करें.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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