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Vinayak Chaturthi 2021: आज वृद्धि एवं रवि योग में है विनायक चतुर्थी, जानें पूजा मुहूर्त एवं महत्व

Vinayak Chaturthi 2021: आज वृद्धि एवं रवि योग में है विनायक चतुर्थी, जानें पूजा मुहूर्त एवं महत्व

भगवान गणेश के वरदविनायक स्वरूप की पूजा करने से सफलता मिलती है. (Image- Shutterstock)

भगवान गणेश के वरदविनायक स्वरूप की पूजा करने से सफलता मिलती है. (Image- Shutterstock)

Vinayak Chaturthi 2021: पंचांग के अनुसार, आज मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है. आज के दिन विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान श्रीगणेश जी (Lord Ganesha) की विधि विधान से पूजा की जाती है. इस दिन भगवान गणपति को मोदक का भोग लगाया जाता है और पूजा में दूर्वा अर्पित किया जाता है.

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    Vinayak Chaturthi 2021: पंचांग के अनुसार, आज मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है. आज के दिन विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान श्रीगणेश जी (Lord Ganesha) की विधि विधान से पूजा की जाती है. इस दिन भगवान गणपति को मोदक का भोग लगाया जाता है और पूजा में दूर्वा अर्पित किया जाता है. ऐसे करने से विघ्नहर्ता गणेश जी बहुत प्रसन्न होते हैं. इस दिन आप गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa) का पाठ कर सकते हैं और पूजा के बाद गणेश जी की आरती (Ganesh Aarti) तो अनिवार्य है. जो लोग व्रत रखते हैं, उनको विनायक चतुर्थी व्रत की कथा जरूर सुननी चाहिए. व्रत कथा सुनने और पारण करने से ही व्रत का पूर्ण लाभ प्राप्त होता है. आइए जानते हैं कि ​दिसंबर 2021 माह की विनायक चतुर्थी कब है?

    विनायक चतुर्थी 2021 ​​तिथि
    हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 07 दिसंबर को तड़के 02 बजकर 31 मिनट पर हुआ है. चतुर्थी तिथि 07 दिसंबर को रात 11 बजकर 40 मिनट तक है. ऐसे में विनायक चतुर्थी का व्रत आज 07 दिसंबर दिन मंगलवार को रखा जाएगा.

    वृद्धि एवं रवि योग में है विनायक चतुर्थी
    आज की विनायक चतुर्थी वृद्धि एवं रवि योग में है. आज वृद्धि योग शाम 04 बजकर 24 मिनट तक है और रवि योग आज प्रात: 07 बजकर 01 मिनट से देर रात 12 बजकर 12 मिनट तक है.

    विनायक चतुर्थी 2021 पूजा मुहूर्त
    दिसंबर 2021 माह की विनायक चतुर्थी के लिए पूजा मुहूर्त दो घंटे 05 मिनट का है. विनायक चतुर्थी को आप दिन में 11 बजकर 10 मिनट से दोपहर 01 बजकर 15 मिनट के मध्य तक गणेश जी की पूजा कर सकते हैं.

    विनायक चतुर्थी को न देखें चंद्रमा
    विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रोदय दिन में 10 बजकर ​10 मिनट पर होगा और चंद्रास्त रात 08 बजकर 40 मिनट पर होगा. विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखना वर्जित है. इस दिन चंद्रमा देखने पर मिथ्या कलंक लगता है. श्रीकृष्ण भगवान ने भी जब विनायक चतुर्थी के चांद को देखा तो उन पर स्यामंतक मणि चोरी करने का अरोप लगा था.

    विनायक चतुर्थी का महत्व
    जो लोग विनायक चतुर्थी का व्रत रखते हैं, भगवान गणेश जी उनसे प्रसन्न होते हैं. वे उनकी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं और कार्य में सफलता प्रदान करते हैं.

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

    Tags: Dharma Aastha, Ganesh Chaturthi, Spirituality

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