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Vinayaka Chaturthi 2022: विनायक चतुर्थी पर बन रहे हैं दो शुभ योग, जानें पूजा का मुहूर्त

आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी व्रत 03 जुलाई दिन रविवार को है. (Photo: Pixabay)

आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी व्रत 03 जुलाई दिन रविवार को है. (Photo: Pixabay)

03 जुलाई दिन रविवार को आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी (Vinayaka Chaturthi) व्रत है. इस बार इस दिन दो शुभ योग बन रहे हैं. आइए जानते है इन योग और पूजा मुहूर्त के बारे में.

आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी (Vinayaka Chaturthi) व्रत 03 जुलाई दिन रविवार को है. इस दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की विधिपूर्वक पूजा अर्चना करते हैं. विशेष बात यह है कि यह पूजा दोपहर तक संपन्न कर लेते हैं क्योंकि इस व्रत में चंद्रमा का दर्शन करना अशुभ माना जाता है. इस बार विनायक चतुर्थी व्रत के दिन दो शुभ योग बन रहे हैं. रवि योग और सिद्धि योग कार्यों में सफलता प्रदान करने वाले हैं. पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं विनायक चतुर्थी के दिन बने वाले योग और पूजा मुहूर्त के बारे में.

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विनायक चतुर्थी 2022 मुहूर्त
आषाढ़ शुक्ल चतुर्थी तिथि का प्रारंभ: 02 जुलाई, दिन शनिवार, दोप​हर 03:16 बजे से
आषाढ़ शुक्ल चतुर्थी तिथि का समापन: 03 जुलाई, दिन रविवार, शाम 05:06 बजे
गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त: दिन में 11:02 बजे से दोपहर 01:49 बजे तक
चंद्रोदय: सुबह 08 बजकर 54 मिनट पर
चंद्रास्त: रात 10 बजकर 33 मिनट पर

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विनायक चतुर्थी 2022 शुभ योग
रवि योग: प्रात: 05:28 बजे से सुबह 06:30 बजे तक
सिद्धि योग: दोपहर 12:07 बजे से पूरी रात तक
इस दिन का शुभ समय: दिन में 11:57 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक

विनायक चतुर्थी 2022 अशुभ समय
राहुकाल: शाम 05:39 बजे से शाम 07:23 बजे तक
राहुकाल में शुभ एवं मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं.

गणेश पूजा की विधि
जो लोग 03 जुलाई को विनायक चतुर्थी व्रत रखेंगे, वे प्रात: स्नान करके विनायक चतुर्थी व्रत औश्र पूजन का संकल्प करेंगे. उसके पश्चात शुभ मुहूर्त में गणपति बप्पा की पूजा करेंगे. इस दिन सबसे पहले गणेश जी को एक चौकी पर स्थापित करते हैं. उसके बाद उनका जलाभिषेक करते हैं. फिर उनको वस्त्र, चंदन तिलक, कुमकुम, धूप, दीप, लाल फूल, अक्षत्, पान, सुपारी आदि अर्पित करते हैं.

पूजा में दूर्वा का उपयोग अवश्य करें क्योंकि यह गणेश जी को अत्यंत प्रिय है. भोग के रूप में मोदक या फिर मोतीचूर के लड्डू चढ़ाएं. उसके पश्चात गणेश चालीसा और विनायक चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें. गणेश जी आपकी मनोकामनाओं को पूरा करेंगे.

Tags: Dharma Aastha, Spirituality

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