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Vivah Panchami 2021: विवाह पंचमी आज, जानें तिथि, मुहूर्त, महत्व एवं विवाह की विधि

Vivah Panchami 2021: विवाह पंचमी आज, जानें तिथि, मुहूर्त, महत्व एवं विवाह की विधि

आज है विवाह पंचमी या श्रीराम विवाहोत्सव

आज है विवाह पंचमी या श्रीराम विवाहोत्सव

Vivah Panchami 2021: पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाई जाती है. विवाह पंचमी को श्रीराम विवाहोत्सव कहा जाता है. इस वर्ष विवाह पंचमी आज 08 दिसंबर दिन बुधवार को है. आज के दिन ही सीता जी (Sita) का विवाह भगवान श्रीराम (Lord Ram) से हुआ था.

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    Vivah Panchami 2021: पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाई जाती है. विवाह पंचमी को श्रीराम विवाहोत्सव कहा जाता है. इस वर्ष विवाह पंचमी आज 08 दिसंबर दिन बुधवार को है. आज के दिन ही सीता जी (Sita) का विवाह भगवान श्रीराम (Lord Ram) से हुआ था. इस वजह से हर वर्ष मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को सीता जी और भगवान श्रीराम के विवाह की वर्षगांठ मनाई जाती है. आइए जानते हैं इस वर्ष के विवाह पंचमी की तिथि, मुहूर्त एवं महत्व के बारे में.

    विवाह पंचमी 2021 मुहूर्त
    हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का प्रारंभ 07 दिसंबर को रात 11 बजकर 40 मिनट पर हो चुका है. यह तिथि आज 08 दिसंबर को रात 09 बजकर 25 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि के अनुसार, पंचमी तिथि आज मान्य है, ऐसे में विवाह पंचमी या श्रीराम विवाहोत्सव आज मनाया जाएगा.

    आज बना है रवि योग
    आज विवाह पंचमी के अवसर पर रवि योग बना है. रवि योग आज रात 10 बजकर 40 मिनट पर प्रारंभ होगा, जो अगले दिन 09 दिसंबर को प्रात: 07 बजकर 02 मिनट तक रहेगा.

    विवाह पंचमी का महत्व
    भगवान राम श्रीहरि ​विष्णु जी के अवतार हैं और माता सीता देवी लक्ष्मी की अवतार हैं. सुखद दाम्पत्य जीवन के लिए भगवान विष्ण और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद सबको चाहिए. जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में समस्याएं होती हैं, वे लोग विवाह पंचमी के दिन व्रत भी रखते हैं और श्रीराम विवाहोत्सव का आयोजन भी करते हैं.

    राम-सीता विवाह विधि
    विवाह पचंमी के अवसर पर माता सीता के ससुराल अयोध्या और श्रीराम के ससुराल जनकपुर में दोनों का विवाह उत्सव मनाया जाता है. राम जी की बारात निकाली जाती है. आप अपने घर पर भी इसका आयोजन कर सकते हैं. आप राम और सीता जी मूर्ति या तस्वीर को स्थापित कर दें. फिर उनको माला पहनाएं और गठबंधन करें. उनको पुष्प, फल, मिठाई आदि का भोग लगाएं. विवाह संपन्न होने के बाद प्रसाद बांटें.

    (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

    Tags: Dharma Aastha, Lord Ram, Spirituality

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