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Vivah Panchami 2019: इस दिन हुआ था भगवान राम और सीता का विवाह, पंचमी को निकलेगी राम बारात

News18Hindi
Updated: November 29, 2019, 12:12 PM IST
Vivah Panchami 2019: इस दिन हुआ था भगवान राम और सीता का विवाह, पंचमी को निकलेगी राम बारात
विवाह पंचमी को हुआ था राम और सीता का विवाह

विवाह पंचमी (Vivah Panchami 2019): हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, मिथिला नरेश राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के लिए योग्य वर तलाश करने के लिए एक स्वयंवर का आयोजन किया था.

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विवाह पंचमी (Vivah Panchami 2019): हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भगवान राम और माता सीता के विवाह का उत्सव मनाया जाता है. इसे विवाह पंचमी कहा जाता है. मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही अयोध्या के राजकुमार मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का विवाह मिथिला नरेश राजा जनक की पुत्री सीता से संपन्न हुआ था. इसे श्रीराम पंचमी या विहार पंचमी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन नागदेवता की पूजा अर्चना का विधान है. इस बार विवाह पंचमी 1 दिसंबर रविवार के दिन मनाई जाएगी. आइए जानते हैं कि क्यों मनाई जाती है विवाह पंचमी....

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, मिथिला नरेश राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के लिए योग्य वर तलाश करने के लिए एक स्वयंवर का आयोजन किया था. स्वयंवर में देश भर के बड़े बड़े राजाओं के अलावा भगवान राम और लक्ष्मण भी अपने गुरु के साथ पहुंचे. स्वयंवर की शर्त थी कि जो शिव जी का गांडीव धनुष तोड़ेगा माता सीता का विवाह उसी से संपन्न होगा.

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एक एक कर सभी राजाओं ने अपना भाग्य और मेहनत आजमाई लेकिन कोई भी भगवान शिव का दिया हुआ गांडीव धनुष नहीं तोड़ पाया. अंत में गुरु की आज्ञा पाकर भगवान राम गांडीव धनुष के पास पहुंचे और उन्होंने प्रणाम कर गांडीव धनुष को उठाकर उसपर प्रत्यंचा चढ़ा दी जिससे कि गांडीव धनुष टूट गया और माता सीता और भगवान राम का विवाह संपन्न हुआ. राजा जनक इस बात की सूचना राजा दशरथ को भिजवाते हैं और अयोध्या से बरात मिथिला के लिए रवाना होती है. धूमधाम से राम और सीता का विवाह मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को संपन्न होता है.

तभी से हर साल मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को अयोध्या और मिथिला के कई मंदिरों में राम और सीता के विवाह (विवाह पंचमी) को धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन सिया-राम के भक्त पूरी धूमधाम के साथ बरात निकालते हैं और अंत में फेरों के साथ सिया राम का विवाह संपन्न होता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: November 29, 2019, 12:11 PM IST
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